Nepal Flood Fish : पटना। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की गंडक नदी में बड़ी और असामान्य आकार की मछलियां मिलने की खबरों ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है। गोपालगंज के मंगलपुर पुल के आसपास मछुआरों के जाल में सामान्य से काफी बड़ी मछलियां फंसने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ मछलियों का वजन 15 से 50 किलो तक बताया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर इससे भी कहीं ज्यादा बड़ी मछलियों के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

सोशल मीडिया पर 100 से 200 किलो तक के दावे

सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में विशाल आकार की मछलियां दिखाई दे रही हैं। कई पोस्ट में इनका वजन 100 किलो से लेकर करीब 200 किलो तक बताया जा रहा है। कुछ लोग इन्हें गूंछ, गोइता या बघैर जैसी प्रजातियों से जोड़ रहे हैं। हालांकि, केवल वायरल तस्वीर या वीडियो के आधार पर किसी मछली की प्रजाति और वास्तविक वजन की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए मत्स्य विशेषज्ञों या संबंधित विभाग की वैज्ञानिक जांच जरूरी है।

बाढ़ के पानी से पकड़ी मछली खाने से क्यों मना किया गया?

मछलियों के आकार से ज्यादा चिंता उनकी खाद्य सुरक्षा को लेकर है। बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग ने लोगों को बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अपरिचित और असामान्य मछलियों का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। बाढ़ के दौरान मछलियां दूषित पानी, कचरे, नालियों और अन्य संक्रमित पदार्थों के संपर्क में आ सकती हैं। ऐसे में बिना पहचान और जांच के इन्हें खाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

बगहा प्रशासन ने भी जारी की चेतावनी

असामान्य मछलियों को लेकर बगहा प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क किया है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बाढ़ के पानी से पकड़ी गई ऐसी मछलियों को खाने से बचें, जिनकी प्रजाति और खाद्य सुरक्षा की पुष्टि नहीं हुई है। लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि किसी वायरल दावे के आधार पर मछली को सुरक्षित मानकर उसका सेवन न करें।

बाजार में पहुंचने की खबरों से बढ़ी चिंता

गंडक नदी में बड़ी मछलियों के पकड़े जाने के बाद इनके स्थानीय बाजारों तक पहुंचने की खबरों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी मछलियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जुट रही है। प्रशासन का कहना है कि केवल आकार देखकर किसी मछली को खाने योग्य मानना उचित नहीं है। अपरिचित मछली की पहचान और सुरक्षा की पुष्टि होने तक उससे दूरी बनाना ही बेहतर है।



क्या इंसानों के लिए खतरनाक हैं ये मछलियां?

सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में गूंछ या बघैर मछली को इंसानों के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। यहां तक दावा किया जा रहा है कि यह इंसानों को भी अपना शिकार बना सकती है। हालांकि, इन सनसनीखेज दावों की स्वतंत्र और वैज्ञानिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए वायरल पोस्ट के आधार पर किसी प्रजाति को इंसानों के लिए घातक बताना सही नहीं होगा।

नदी में उतरने से भी बचें

विशाल मछलियों को पकड़ने के चक्कर में नदी में उतरना भी खतरनाक साबित हो सकता है। बाढ़ के दौरान गंडक नदी का बहाव तेज रहता है और पानी की गहराई, भंवर तथा धारा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मछली पकड़ने या उसे देखने के लिए तेज बहाव वाले हिस्सों में जाना जानलेवा हो सकता है।


तबीयत बिगड़े तो तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह

यदि किसी व्यक्ति ने बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अपरिचित मछली खाई है और उसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

फिलहाल गंडक नदी में मिली विशाल मछलियां लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन की अपील साफ है वायरल वीडियो और अफवाहों पर भरोसा न करें, अपरिचित मछली का सेवन न करें और बाढ़ के दौरान नदी के तेज बहाव से दूर रहें।

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