Adhir Ranjan Chowdhury
Adhir Ranjan Chowdhury: नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बहारामपुर से कई बार सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब कांग्रेस पश्चिम बंगाल में लगातार कमजोर होती जा रही है और अधीर खुद को पार्टी के भीतर हाशिए पर महसूस कर रहे हैं।
Adhir Ranjan Chowdhury: हालांकि,अधीर रंजन चौधरी ने इस मुलाकात को पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों के साथ हो रही हिंसा और भेदभाव लेकर सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बताया और उनके द्वारा इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई है। लेकिन, इस मुलाकात का समय राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
Adhir Ranjan Chowdhury: बता दें कि, 2026 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बंगाल में TMC मजबूत स्थिति में है, जबकि कांग्रेस का संगठन लगभग समाप्त हो चुका है। अधीर रंजन और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच पुरानी राजनीतिक तल्खी किसी से छिपी नहीं है। दोनों नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का लंबा इतिहास रहा है।
Adhir Ranjan Chowdhury: कांग्रेस के भीतर भी कमजोर हुए हैं अधीर रंजन
कांग्रेस के भीतर भी अधीर रंजन की स्थिति कमजोर हुई है। 2024 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भी उन्हें खास तवज्जो नहीं मिली। 2021 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को शून्य सीटें और 2024 लोकसभा चुनाव में केवल एक सीट मिलने से पार्टी और कमजोर हो गई।
Adhir Ranjan Chowdhury: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अधीर रंजन के BJP में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। BJP बंगाल में TMC को चुनौती देने के लिए अनुभवी स्थानीय नेताओं की तलाश में है। हालांकि, अधीर रंजन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और न ही बीजेपी के ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है।
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