नई दिल्ली। Chinese President Xi Jinping चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नाइजीरियन राष्ट्रपति बोला टीनुबू की किया मेज़बानी। उसके बाद चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन की राजधानी पेइचिंग में नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला टीनूबू के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। टीनूबू चीन-अफ्रीका सहयोग शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राजकीय दौरे पर हैं ।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नाइजीरियन राष्ट्रपति बोला टीनुबू की किया मेज़बानी
इस मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि नाइजीरिया एक इम्पोर्टेन्ट एंड पावरफुल अफ्रीकी देश है, जिसकी आबादी काफी अधिक है और वहां विकास की संभावना भी काफी अधिक है। ऐसे में मेरा तो ये भी मानना है कि आपके कुशल नेतृत्व में नाइजीरिया का राष्ट्रीय विकास और सुधार बेहतरीन सफलताओं को प्राप्त करेगा। आधी शताब्दी पूर्व राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से, चीन और नाइजीरिया ने हमेशा एक-दूसरे का भरपूर सम्मान किया है, एक-दूसरे के साथ समानता का व्यवहार किया है और आपसी आत्मनिर्भरता और सहयोग के मार्ग का अनुसरण किया है। आज एक नए स्टार्टिंग पॉइंट पर खड़े होकर, चीन और नाइजीरिया, प्रमुख विकासशील देशों के रूप में, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना जारी रखेंगे। इस नए युग में चीन-अफ्रीका संबंधों में हम एक साथ मिलकर नई गति लाएंगे और दक्षिणी देशों को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित भी करेंगे।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फिर फेंका जाल
प्रेजिडेंट शी जिनपिंग ने जोर देकर कहा कि हाल ही के वर्षों में, चीन और नाइजीरिया ने आपसी सहयोग को और भी अधिक घनिष्ठ किया है और एक साथ मिलकर बड़ी संख्या में अनुकरणीय और रणनीतिक सहयोग की परियोजनाओं को लागू किया है। मैं चीन-नाइजीरिया के इस सहयोग को दिखाने और बढ़ावा देने तथा चीन-नाइजीरिया और चीन-अफ्रीका रिश्तों को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए श्रीमान राष्ट्रपति के साथ काम करने को तैयार हूं।
नाइजीरियन राष्ट्रपति बोला टीनुबू को भी फंसाने की फितरत
विस्तारवादी नीतियों का पक्षकार चीन किसी भी देश को फंसने में कोई कोर -कसर नहीं छोड़ता। पहले तो उस देश को अपने लच्छेदार भाषणों की कूट शब्दावली में फंसाता है। उसके बाद उसकी गरीबी का आंकलन करता है। इसके बाद शुरू होता है मोटी ब्याज दर पर क़र्ज़ देने की कवायद। एक बड़ी रकम क़र्ज़ में देकर फिर उस देश को चीन अपनी चाल के जाल में फंसाता है। उसके बाद शुरू होता है उसके किसी बंदरगाह या फिर किसी एयरपोर्ट या फिर बेष कीमती जमीन को सौ साल की लीज़ पर लेने का खेल।

