NCERT: नई दिल्ली: कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरी किताब को बाजार से वापस लेने और विवादित अध्याय के लिए बिना शर्त माफी मांगने का फैसला किया है। यह किताब ‘Exploring Society: India and Beyond’ शीर्षक से प्रकाशित की गई थी, जिसमें अध्याय ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ शामिल था।
NCERT: न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर हुआ विवाद
किताब के चौथे अध्याय में न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों जैसे भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बैकलॉग, जजों की कमी और अन्य संवेदनशील विषयों का उल्लेख किया गया था। इन टिप्पणियों को लेकर व्यापक विवाद खड़ा हो गया और इसे न्यायपालिका की गरिमा से जोड़कर देखा गया।
NCERT: सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले पर (Supreme Court of India) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने इस पुस्तक के प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया तथा सभी प्रतियों को वापस लेने के निर्देश दिए।
NCERT: एनसीईआरटी ने मांगी बिना शर्त माफी
एनसीईआरटी ने एक प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि इस अध्याय में “अनुचित सामग्री और अनुमोदन प्रक्रिया में त्रुटि” के कारण यह पाठ शामिल हो गया था। परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी भी संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था और इसके लिए वे बिना शर्त माफी मांगते हैं।
NCERT: विवादित सामग्री हटाने की अपील
एनसीईआरटी ने एडवाइजरी जारी कर लोगों और संस्थानों से अपील की है कि यदि उनके पास यह पुस्तक है तो उसे वापस कर दें। साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मंचों पर साझा की गई विवादित सामग्री को भी तुरंत हटाने को कहा गया है।
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