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CG News : रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुरूप समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संकुल केंद्र कसेकेरा के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोसमर्रा में सत्रांत गतिविधियों और विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कसेकेरा, कोसमर्रा, कछारडीह, भोथा, टेंगराही, टोंगोपानी कला, टोंगोपानी खुर्द और बिडोरा के प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने स्वनिर्मित विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया।
विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वीरेंद्र कुमार साहू (प्राचार्य, सरस्वती ग्राम गंगा हायर सेकेंडरी स्कूल कसेकेरा) उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन कुमार चक्रधारी (प्राचार्य, शासकीय हाई स्कूल कसेकेरा) ने की।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. विजय कुमार शर्मा (प्रधानपाठक, मिडिल स्कूल कसेकेरा), गोविंद चौधरी (संकुल समन्वयक टेका) और तोश राम साहू (वरिष्ठ शिक्षक, मिडिल स्कूल भोथा) शामिल रहे।
कबाड़ से जुगाड़ के माध्यम से प्रस्तुत किए विज्ञान मॉडल
संकुल समन्वयक मनीष अवसरिया ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में संकुल केंद्र कसेकेरा के अंतर्गत आने वाले आठ प्राथमिक विद्यालयों के दाखिल-खारिज पंजी की जांच प्रधान पाठक प्रमोद चंद्राकर के नेतृत्व में शिक्षक योगेश साहू और प्रधानपाठक राकेश कुमार ठाकुर द्वारा की गई।

इसके बाद विद्यार्थियों ने मिट्टी, गत्ते और अन्य सामग्री से बनाए गए हस्तकला और विज्ञान मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई। इन मॉडलों के माध्यम से गणित, विज्ञान और भाषा विषयों से जुड़ी गतिविधियों को “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा के साथ प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
विजेता प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता में
- प्रथम स्थान: कु. रिंकी साहू एवं कु. बरखा ध्रुव (प्राथमिक शाला कछारडीह)
- द्वितीय स्थान: मोरिस निषाद (प्राथमिक शाला कोसमर्रा)
- तृतीय स्थान: नीरज एवं वीरेंद्र (प्राथमिक शाला कसेकेरा)
इसके अलावा शासकीय हाई स्कूल कसेकेरा की छात्रा कु. गायत्री ठाकुर द्वारा बनाए गए मॉडल को इंस्पायर्ड अवार्ड के लिए चयनित किया गया, जिसके लिए मुख्य अतिथि द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विद्यार्थियों में विकसित होती है वैज्ञानिक सोच
मुख्य अतिथि वीरेंद्र कुमार साहू ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थी कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं, जिन्हें शिक्षक अपनी मेहनत से सही दिशा दे सकते हैं। इसलिए प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
शिक्षकों ने दी होली की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के प्रभारी संजय कुमार अग्रवाल और पवन कुमार कुंजाम रहे, जबकि व्यवस्था की जिम्मेदारी महादेव देवांगन और खगेश्वर राजपूत ने संभाली। कार्यक्रम को पवन कुमार चक्रधारी, डॉ. विजय शर्मा, तोशराम साहू और गोविंद चौधरी ने भी संबोधित किया।
समापन के बाद उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक-दूसरे को गुलाल-अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मुरली प्रसाद यादव ने किया और आभार प्रदर्शन मनीष अवसरिया ने किया।
कार्यक्रम में जितेंद्र कुमार साहू, कामाक्षी चंद्राकर, लक्ष्मी साहू, भोजराम साहू, गेसूराम साहू, फलेश कुमार साहू, सनत कुमार साहू, त्रिवेणी कुमार बाघ, डॉ. अजय भट पहरी, पंकज सिंह ठाकुर सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
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