Rajasthan
Rajasthan: जयपुर: देशभर में कुत्तों के काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की जान को खतरा बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में महत्वपूर्ण आदेश जारी कर स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने नसबंदी व टीकाकरण के बाद कुत्तों को शेल्टर में शिफ्ट करने और मूल स्थान पर न छोड़ने पर जोर दिया, साथ ही बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
Rajasthan: इसी कड़ी में राजस्थान शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए कि प्रत्येक स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडमास्टर नोडल अधिकारी बनेंगे। उनकी जिम्मेदारी होगी स्कूल परिसर से कुत्तों को भगाना, नगर निगम या पंचायत से समन्वय कर उन्हें पकड़वाना, फर्स्ट एड किट तैयार रखना और कुत्ता काटने की स्थिति में तत्काल इलाज सुनिश्चित करना। फर्स्ट एड बॉक्स में एंटी-रेबीज इंजेक्शन अनिवार्य रखने के भी आदेश हैं।
Rajasthan: स्कूलों में बाउंड्री वॉल दुरुस्त करने, गेट बंद रखने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी है। बीकानेर सहित पूरे प्रदेश के स्कूलों में यह लागू हो रहा है।
Rajasthan: हालांकि शिक्षक संगठनों में असंतोष है। वे कहते हैं कि पढ़ाई के बोझ के बीच डॉग कैचर की भूमिका थोपना उचित नहीं। विभाग का तर्क है कि बच्चों का सुरक्षित वातावरण सर्वोपरि है। सरकार एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों को सख्ती से लागू कर रही है। उम्मीद है, यह कदम स्कूलों को सुरक्षित बनाएगा।

