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Year Ender 2025: लखनऊ। साल 2025 उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति की है, जिससे उत्तर प्रदेश अब देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। बीते एक वर्ष में लगभग 5,000 नए स्टार्टअप्स ने अपना काम शुरू किया, जिससे प्रदेश में कुल स्टार्टअप्स की संख्या 21,559 तक पहुंच गई है। इनमें से 9,000 से अधिक स्टार्टअप्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जो लैंगिक विविधता और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का संकेत है।
Year Ender 2025: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक प्रदेश में पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 16,000 थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 21,559 हो गई। इसमें स्टार्टअप इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप 18,568 हैं और स्टार्ट इन यूपी में पंजीकृत स्टार्टअप की संख्या 2,991 है। इसके अलावा, आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) में 521 स्टार्टअप सक्रिय हैं। यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, निवेश और रोजगार सृजन में भी प्रदेश की मजबूती दर्शाती है। नीति आधारित शासन, डिजिटल प्रक्रियाएं और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस ने स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
Year Ender 2025: योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्टार्टअप गतिविधियां केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें। प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्टार्टअप गतिविधियां सक्रिय हुई हैं। नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और कानपुर के अलावा बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में भी एग्रीटेक, फूड प्रोसेसिंग, हैंडलूम, डेयरी और लोकल सर्विस आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं। इस विस्तार से न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
Year Ender 2025: महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आगे आने का आत्मविश्वास देने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, महिला स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाएं और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं।
Year Ender 2025: प्रदेश में स्टार्टअप्स को मजबूत आधार देने के लिए 76 इनक्यूबेटर और 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सक्रिय हैं। ये संस्थान स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, रिसर्च सपोर्ट और निवेशकों से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थटेक, एग्रीटेक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में विशेष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जिससे नवाचार को संस्थागत समर्थन और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिला है।
Year Ender 2025: उत्तर प्रदेश का यह स्टार्टअप बूम यह दर्शाता है कि प्रदेश न केवल नवाचार और उद्यमिता में देश में अग्रणी है, बल्कि महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है।
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