Apple
Apple: मुंबई: अमेरिका में एपल और वीडियो गेम कंपनी एपिक गेम्स के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में बड़ा मोड़ आया है। एक संघीय अपील अदालत ने एपल को कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर सिविल अवमानना का दोषी ठहराया है। अदालत ने पाया कि एपल ने जानबूझकर उन निर्देशों को कमजोर करने की कोशिश की, जिनमें उसे अपने ऐप स्टोर में डेवलपर्स को बाहरी पेमेंट सिस्टम का विकल्प देने को कहा गया था। हालांकि, इस फैसले ने एपल को आंशिक राहत भी प्रदान की है।
Apple: दरअसल, 2021 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि एपल अपने ऐप स्टोर में उपयोगकर्ताओं को अन्य पेमेंट माध्यमों की ओर निर्देशित करने की अनुमति दे। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि एपल ने ऐसे नियम लागू किए, जो डेवलपर्स को बाहरी भुगतान विकल्प अपनाने से हतोत्साहित करते थे। अदालत ने एपल की इस रणनीति को “दिखावा” बताते हुए कहा कि कंपनी ने आदेश का सार्थक पालन नहीं किया।
Apple: फैसले में एपल के लिए राहत यह रही कि पिछले निर्णय में बाहरी पेमेंट सिस्टम पर कमीशन वसूलने पर लगी रोक हटा दी गई। अब अपील अदालत ने स्पष्ट किया है कि एपल “उचित कमीशन” ले सकता है। निचली अदालत यह तय करेगी कि यह कमीशन कितने प्रतिशत होना चाहिए।
Apple: यह विवाद 2020 में तब शुरू हुआ था, जब एपिक गेम्स ने आरोप लगाया कि एपल अपने ऐप स्टोर को ‘बंद किला’ की तरह चलाता है और इन-ऐप खरीद पर 15% से 30% तक का भारी कमीशन वसूलता है। एपिक ने इसे अवैध एकाधिकार करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2024 में एपल की अपील खारिज होने के बाद कंपनी ने बाहरी पेमेंट पर भी 12-27% तक शुल्क लगाना शुरू कर दिया, जिसके चलते एपिक ने फिर से अदालत का रुख किया। नई अदालत की टिप्पणी के बाद यह लड़ाई अब अगले चरण में पहुंच गई है, जहां डेवलपर्स और टेक कंपनियों की नजर आगे के फैसलों पर टिकी है।
Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


