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MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम सप्लाई करने वाले रैकेट के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए ऑपरेशन ‘फास्ट’ (Forged-Activated-SIM-Termination) को अंजाम दिया है। इस अभियान में राज्य साइबर सेल और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से प्रदेश के 20 जिलों में कार्रवाई करते हुए 94 फर्जी सिम विक्रेताओं को चिह्नित किया और 44 लोगों को गिरफ्तार किया। ये विक्रेता फर्जी सिम तैयार कर साइबर ठगों को बेचते थे, जिनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन ऐप और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
MP News : केंद्रीय गृह मंत्रालय की सूचना के आधार पर मध्य प्रदेश में 3824 संदिग्ध सिम विक्रेताओं के ठिकानों का पता लगाया गया। इनके द्वारा जारी किए गए 7500 फर्जी सिमों का उपयोग डिजिटल अरेस्ट और विभिन्न साइबर ठगी के मामलों में किया गया। इस जानकारी के बाद साइबर एडीजी साई मनोहर के निर्देश पर भोपाल साइबर सेल के एसपी प्रणय नागवंशी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय विशेष ऑपरेशन ग्रुप (SOG) गठित किया गया। इस टीम ने 15 दिनों का एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
MP News : एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि ऑपरेशन फास्ट के पहले चरण में 50 प्राथमिकियां दर्ज की गईं और 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान की निगरानी के लिए साइबर मुख्यालय में एक समर्पित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि ये फर्जी सिम विक्रेता स्थानीय एजेंटों के साथ मिलकर सिम जारी करते थे, जिनका उपयोग न केवल भारत के विभिन्न राज्यों जैसे झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे कंबोडिया और थाईलैंड में भी साइबर अपराधों के लिए किया जा रहा था।
MP News : पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 24 लुप्त सिम, 26 मोबाइल और लैपटॉप, 22 सक्रिय सिम, 7 थंब इंप्रेशन मशीनें, 3 डेबिट कार्ड और अन्य सामग्री जब्त की। नागवंशी ने कहा कि यह ऑपरेशन का पहला चरण है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी। मध्य प्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी पहचान के दुरुपयोग से बचें और संचार साथी पोर्टल के जरिए अपने नाम पर सक्रिय सिम की जांच करें।
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