Subhash Ghai Rajneesh Osho
Subhash Ghai Rajneesh Osho: मुंबई: बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने आध्यात्मिक गुरु और मित्र ओशो को याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर ओशो की तस्वीर साझा कर उनके विचारों को व्यक्त किया। घई ने लिखा, “मेरे गुरु और मित्र ओशो पिछले 40 वर्षों से मुझे जीवन, ऊर्जा और सत्य के दर्शन से प्रेरित करते रहे हैं। ओशो कहते थे, ‘मेरी बात सुनो, लेकिन मेरा अनुसरण मत करो, बस स्वयं को जानो।’ शिक्षक दिवस पर मैं ओशो को नमन करता हूं, जो भारत को नए विचारों के साथ आगे बढ़ाते हैं।”
Subhash Ghai Rajneesh Osho: कौन थे ओशो?
ओशो, जिनका असली नाम रजनीश चंद्र मोहन जैन था, 20वीं सदी के महान आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने संगठित धर्म को कभी स्वीकार नहीं किया और माना कि आध्यात्मिक अनुभव को धार्मिक ढांचे में नहीं बांधा जा सकता। उनके विचारों ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया।
Subhash Ghai Rajneesh Osho: सेंसरशिप पर घई की राय
इससे पहले, सुभाष घई ने मुंबई के रोटरी क्लब के एक कार्यक्रम में सेंसरशिप के मुद्दे पर कहा था, “जैसे परिवार में बच्चों को सिखाया जाता है कि क्या बोलना और देखना चाहिए, वैसे ही सिनेमा और कला के लिए सेंसरशिप जरूरी है। यह सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए ट्रैफिक लाइट्स की तरह है।”
Subhash Ghai Rajneesh Osho: सुभाष घई का करियर
सुभाष घई ने ‘कालीचरण’, ‘कर्ज’, ‘हीरो’, ‘कर्मा’, ‘राम लखन’, ‘परदेस’ और ‘ताल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया। 1982 में उन्होंने मुक्ता आर्ट्स की स्थापना की और व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल फिल्म संस्थान खोला।
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