MP News : भोजपुर। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गौहरगंज उप जेल में एक सनसनीखेज घटना ने जेल प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। पॉक्सो एक्ट और रेप के मामले में आठ महीने से सजा काट रहे 22 वर्षीय कैदी तिलक सिंह शाक्या की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटकती लाश मिली। इस घटना ने न केवल जेल महकमे में हड़कंप मचा दिया, बल्कि परिजनों ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को और जटिल बना दिया है।
MP News : पुलिस के अनुसार, तिलक सिंह शाक्या (22) रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद पिछले आठ महीनों से गौहरगंज उप जेल में बंद था। शनिवार को जेल की किचन में उसका शव अपने लोअर के कपड़े से बने फंदे पर लटका हुआ पाया गया। जेल कर्मियों ने तुरंत उसे फंदे से उतारा और औबेदुल्लागंज के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
MP News : परिजनों के गंभीर आरोप-
मृतक के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि तिलक ने जेल में मुलाकात के दौरान उन्हें बताया था कि जेल कर्मी उससे 12 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तिलक की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है, और जेल प्रशासन ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। अस्पताल के बाहर परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए रोते-बिलखते नजर आए।
MP News : जेल प्रशासन का पक्ष-
गौहरगंज उप जेल के जेलर यशवंत शिल्पकार ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि तिलक ने जेल की किचन में अपने लोअर से फंदा बनाकर आत्महत्या की और जेल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
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