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Up News: गोरखपुर। शासन और पर्यटन विभाग से सहायता न मिलने के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने ताल सुमेरसागर के पुनरुद्धार का बीड़ा अपने खर्च पर उठाया है। शहर के बीचोंबीच स्थित यह ताल कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे आसपास के लोगों को गंदगी, बदबू और मच्छरों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
Up News: जीडीए ने ताल की जमीन का सीमांकन और कोर्ट केसों की समीक्षा शुरू कर दी है। पहले चरण में इसे सुरक्षित कर विकास परियोजना तैयार की जाएगी। पांच साल पहले 18 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त की गई थी, लेकिन बाड़बंदी न होने से अतिक्रमण फिर शुरू हो गया। पहले जुहू चौपाटी जैसा विकास प्रस्तावित था, जिसे 27.74 करोड़ रुपये की लागत से मेसर्स प्रभा कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था, पर शासन और पर्यटन विभाग से मंजूरी न मिलने से काम रुक गया।
Up News: अब जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के निर्देश पर नई योजना बनाई जा रही है। ताल के सुंदरीकरण से न केवल इसका पुराना वैभव लौटेगा, बल्कि पर्यावरणीय सुधार भी होगा। स्थानीय निवासियों को राहत की उम्मीद जगी है।
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