BAC Meeting
BAC Meeting: नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर और बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) प्रमुख मुद्दों के रूप में उभरे हैं। सरकार ने दोनों सदनों में ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा के लिए समय निर्धारित किया है, जबकि बिहार SIR पर कोई चर्चा नहीं होगी। सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई, लेकिन सरकार ने दो विधेयकों को पेश कर महत्वपूर्ण कदम उठाए।
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का शेड्यूल
लोकसभा में 28 जुलाई 2025 से ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। वहीं, राज्यसभा में 29 जुलाई 2025 से इस मुद्दे पर 16 घंटे की चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने मांग की है कि चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री सदन में मौजूद रहें और कोई प्रस्ताव पेश न किया जाए, बल्कि केवल सामान्य चर्चा हो। यह चर्चा 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारत की सैन्य कार्रवाई, ऑपरेशन सिंदूर, के इर्द-गिर्द होगी, जिसे प्रधानमंत्री ने ‘विजय उत्सव’ करार दिया था।
बिहार SIR पर चर्चा नहीं
विपक्ष द्वारा बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) पर चर्चा की मांग के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा संसद में चर्चा के लिए नहीं लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, SIR का कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है, न कि सरकार द्वारा। इसलिए, सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे सकती। इस मुद्दे पर विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में बुधवार, 23 जुलाई 2025 को तीसरे दिन भी गतिरोध रहा।
लोकसभा में हंगामा और विधेयक पेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सांसदों को चेतावनी दी कि तख्तियां लहराने वाले सदस्यों पर कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और अंततः दोपहर 2 बजे के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बावजूद, सरकार ने लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए: राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक-2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक-2025।
राज्यसभा में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक
राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक हुई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की तारीख और समय तय किया गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू शामिल थे। विपक्ष ने इस दौरान प्रधानमंत्री की उपस्थिति की मांग दोहराई। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने चर्चा के लिए सहमति जताई, लेकिन विपक्ष के हंगामे ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया।
सत्र में अन्य मुद्दे
विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर के साथ-साथ पहलगाम आतंकी हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम दावों पर भी चर्चा की मांग की। कांग्रेस सांसदों ने दावा किया कि ट्रम्प के बयान शिमला समझौते का उल्लंघन करते हैं, जो तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को रोकता है। हालांकि, सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को प्राथमिकता दी और अन्य मुद्दों पर सीमित प्रतिक्रिया दी।
