CG News: CM साय ने अखिल भारतीय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में की शिरकत...
जशपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति अखिल भारतीय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भाग लिया। उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ शासन खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹3 करोड़, रजत पदक के लिए ₹2 करोड़ और कांस्य पदक जीतने पर ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रणजीता स्टेडियम के जीर्णोद्धार की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिसमें नए चेंजिंग रूम, बेहतर बैठने की व्यवस्था और अन्य खेल संबंधित सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से जशपुर में खेल संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
इस फुटबॉल प्रतियोगिता में देशभर के 16 राज्यों से आई राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल टीमों ने भाग लिया। इनमें डाउन-टाउन (जम्मू-कश्मीर), कालीघाट फुटबॉल क्लब (पश्चिम बंगाल), शैल फुटबॉल अकादमी (बोकारो, झारखंड), वाईडीसी (मणिपुर), वाईएमएफसी (बक्सर, बिहार), एमएफजी (बैंगलोर, कर्नाटक), सेंचुरी सीमेंट (मुंबई, महाराष्ट्र), आर्मी आर्टिलरी सेंटर (हैदराबाद, आंध्र प्रदेश), एफसी अवध (उत्तराखंड), राउरकेला रेड (ओडिशा), मल्लपुरम एफसी और लुक्का एफसी (केरल) तथा जशपुर की टीम शामिल थीं।
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे नागपुर और मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप (एमईजी) बैंगलूरू के बीच खेला गया। एमईजी बैंगलूरू ने पहले सेमीफाइनल में मां कामाख्या स्पोर्ट्स क्लब (बक्सर) को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था, जबकि रेलवे नागपुर ने दूसरे सेमीफाइनल में सी-लैंड केरला को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फाइनल मैच का आनंद लिया और दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देते हैं।
पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रणजीता स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिससे शहरवासियों और आस-पास के ग्रामीण अंचलों के खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था और सभी ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रणजीता स्टेडियम के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिसमें आधुनिक चेंजिंग रूम सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें।

