Mahakumbh Stampede
प्रयागराज: Mahakumbh Stampede : महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु गंगा तट पर उमड़े थे, लेकिन इस पावन अवसर पर भगदड़ जैसी भयावह घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस भगदड़ में बिहार के नालंदा जिले से आए 50 श्रद्धालु अपने समूह से बिछड़ गए। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की भी खबर है।
Mahakumbh Stampede : कैसे मची भगदड़? प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई आपबीती
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगदड़ रात 1 से 1:30 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग और संगम नोज इलाके में मची। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहले से ही मौजूद थी
लेकिन जब एक साथ हजारों लोग आगे बढ़ने लगे, तो प्रशासन की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे। देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई, और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
नालंदा से आए श्रद्धालु रामनाथ प्रसाद ने बताया कि वे अपने 50 साथियों के साथ महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए पहुंचे थे, लेकिन भगदड़ में वे सभी बिछड़ गए। रोते हुए उन्होंने कहा, “हम सब एक साथ आए थे
लेकिन अचानक भीड़ ने हमें चारों ओर से घेर लिया। लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी, और कुछ ही मिनटों में हम एक-दूसरे से अलग हो गए। मैं अब तक अपने साथियों को ढूंढ रहा हूं, लेकिन किसी का कोई पता नहीं चल पा रहा है।”
एक अन्य श्रद्धालु, राजेश कुमार ने बताया:
“मैं, मेरी मां और पिता, तीनों गिर पड़े। हमारे ऊपर से लोग दौड़ते चले गए। हमें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। चारों तरफ भगदड़ मची हुई थी, किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था।”
घायलों का हाल, कई अभी भी लापता
इस भगदड़ में कई लोगों के घायल होने की खबर है। प्रशासन ने घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना के बाद कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में विभिन्न अस्पतालों और खोया-पाया केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की पहचान के लिए एक विशेष हेल्पलाइन जारी की गई है और जो भी लोग अपने परिवार से बिछड़ गए हैं, वे इस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।
सीएम योगी का बयान: श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाई गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। महाकुंभ में स्नान के लिए संगम नोज की ओर अधिक भीड़ न बढ़ाएं। गंगा के अन्य घाटों पर भी स्नान की समुचित व्यवस्था की गई है।”
Mahakumbh Stampede
प्रशासन का बयान: भीड़ नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदम
प्रयागराज प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं ताकि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो।
- श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्नान घाटों की व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ एक जगह केंद्रित न हो।
- लापता श्रद्धालुओं की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
- हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जहां लोग अपने परिवार के लापता सदस्यों की जानकारी ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिया घटना का संज्ञान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भगदड़ की घटना पर चिंता व्यक्त की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रशासन को सभी आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
लोगों से अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष
महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है, लेकिन इस भगदड़ ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। अब तक कई लोग अपने परिजनों की तलाश में हैं, और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि

