MAHAKUMBH 2025 : 3000 संतों की भव्य यात्रा, 'गंगा है तो हम हैं' के नारों से गूंजा प्रयागराज....!
MAHAKUMBH 2025 : प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियां तीव्र गति से चल रही हैं, और अखाड़ों का संगम क्षेत्र की ओर प्रवेश तेज़ी से हो रहा है। बुधवार को, श्री पंचायती शंभू अटल अखाड़ा के लगभग 3000 संन्यासियों ने बक्शी बंध आश्रम से अपनी तीर्थ यात्रा शुरू की। इस भव्य शोभायात्रा में नागा संन्यासी, साधु-संत और श्रद्धालु शामिल थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपरा का अद्वितीय परिचय दिया।
श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़े की पेशवाई यात्रा बक्शी खुर्द धारा गंज, प्रयागराज से होते हुए छावनी क्षेत्र में प्रवेश करेगी। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिकता का संदेश देती है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का प्रतीक भी बनती है। नागा संन्यासियों का पारंपरिक रूप और उनका सशक्त प्रतिनिधित्व इस यात्रा को और भी भव्य बना रहा है।
महाकुंभ को लेकर संतों में अपार उत्साह देखा जा रहा है। छावनी प्रवेश के दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भजन-कीर्तन किया, जिससे पूरे मार्ग पर आध्यात्मिकता का वातावरण बन गया। शहरवासियों ने भी संतों का स्वागत करते हुए उनके दर्शन का लाभ उठाया।
यात्रा में संतों के हाथों में ‘गंगा है तो हम हैं’ के बैनर ने विशेष आकर्षण प्राप्त किया। यह संदेश न केवल धार्मिक, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और गंगा की पवित्रता को बनाए रखने का भी प्रतीक है। संतों द्वारा इस यात्रा के माध्यम से गंगा नदी के संरक्षण की अपील की गई, जिसने श्रद्धालुओं को गंगा की महत्ता पर गंभीर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
महाकुंभ 2025 के आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत आज भी पूरी तरह से जीवंत है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को जोड़ने वाला एक अद्वितीय आध्यात्मिक संगम है।
महाकुंभ 2025, भक्ति, परंपरा और आस्था का संगम बनने जा रहा है, और संतों का छावनी में प्रवेश इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह आयोजन हर दृष्टि से भव्य और अविस्मरणीय होगा।

