भोपाल यूनियन कार्बाइड का 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर होगा रवाना....
कचरे को सुरक्षित पैकिंग
फैक्ट्री के गोदाम में रखा यह कचरा जंबो बैग में भरने का काम सोमवार को पूरा कर लिया गया। रात में इन बैग्स को 12 कंटेनर में लोड किया गया। सुरक्षा को देखते हुए रात 10 बजे के बाद इस जहरीले कचरे को पीथमपुर के लिए रवाना किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त
कचरे की ट्रांसपोर्टिंग के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के बाहर और आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे रास्ते में पुलिस बल तैनात रहेगा।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण
भोपाल से पीथमपुर तक जहरीले कचरे को ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। यह 250 किमी लंबा होगा, जिससे ट्रांसपोर्टिंग के दौरान आम लोगों को कोई असुविधा न हो और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
इतिहास और जिम्मेदारी
यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा 1984 के भोपाल गैस कांड के बाद से एक बड़ा मुद्दा रहा है। इसे लेकर कई पर्यावरणविद और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई थी। अब सरकार ने इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करने का निर्णय लिया है।
राहत और उम्मीद
इस कदम से भोपालवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कचरे को नष्ट करने में सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा।

