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Phalodi Satta Baajaar Bhaav: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से पहले फलोदी सट्टा बाजार ने बता दिया किसकी बनेगी सरकार, दूसरे चरण की बंपर वोटिंग के बाद बदला भाव

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Phalodi Satta Baajaar Bhaav: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से पहले फलोदी सट्टा बाजार ने बता दिया किसकी बनेगी सरकार, दूसरे चरण की बंपर वोटिंग के बाद बदला भाव
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Phalodi Satta Baajaar Bhaav: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से पहले फलोदी सट्टा बाजार ने बता दिया किसकी बनेगी सरकार, दूसरे चरण की बंपर वोटिंग के बाद बदला भाव

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: कोलकाता/फलोदी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले जहां एग्जिट पोल चर्चा में हैं, वहीं फलोदी का ऐतिहासिक सट्टा बाजार भी सुर्खियों में आ गया है।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: रविवार को जारी ताजा भावों ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। शुरुआती दौर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बढ़त देने वाला सट्टा बाजार अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: शुरुआत में TMC को बढ़त

चुनाव की शुरुआत में सट्टा बाजार ने टीएमसी की जीत का अनुमान जताते हुए उसे 158-161 सीटें मिलने की संभावना बताई थी, जबकि भाजपा को 127-130 सीटों तक सीमित माना गया था। हालांकि 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान और रिकॉर्ड 92.47% वोटिंग के बाद सट्टा बाजार के अनुमान में बड़ा बदलाव आया है।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: BJP को बहुमत का अनुमान

नए आंकड़ों के अनुसार, सट्टा बाजार अब भाजपा को 150-152 सीटें देता दिख रहा है, जो 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े 148 से अधिक है। वहीं ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी को 137-140 सीटों पर सिमटता बताया जा रहा है।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: भवानीपुर सीट पर कांटे की टक्कर

भवानीपुर सीट पर भी सट्टा बाजार ने कड़ी टक्कर के संकेत दिए हैं। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ‘भाव’ 20-25 पैसे से बढ़कर 50 पैसे तक पहुंच गया है, जिसे उनकी स्थिति में कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: क्यों बदला सट्टा बाजार का भाव

सट्टा बाजार के जानकारों के मुताबिक, भारी मतदान को अक्सर सत्ता विरोधी लहर का संकेत माना जाता है। इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोप, मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की भागीदारी से जुड़े न्यायिक फैसले और भाजपा का आक्रामक चुनाव अभियान भी इस बदलाव के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

Phalodi Satta Baajaar Bhaav: हालांकि, सट्टा बाजार के ये अनुमान अंतिम परिणाम नहीं हैं। पूर्व में कई बार इसके आकलन सही साबित हुए हैं, तो कई अवसरों पर नतीजे इसके विपरीत भी रहे हैं। ऐसे में वास्तविक तस्वीर 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों के बाद ही साफ होगी।


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