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Vijay Rupani: पहली कार से लेकर स्कूटर तक का नंबर '1206', विजय रूपाणी का लकी नंबर बना जीवन का अंतिम अध्याय, जानें क्यों मानते थे इसे शुभ

Dev Verma
Vijay Rupani
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Vijay Rupani: नई दिल्ली: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का गुरुवार को एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। वह अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार थे, जो टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद बी.जे. मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी 241 यात्रियों की जान चली गई। रूपाणी अपनी पत्नी अंजलि और बेटी से मिलने ब्रिटेन जा रहे थे। यह हादसा न सिर्फ राजनीतिक जगत बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरा सदमा है।

Vijay Rupani: इस त्रासदी ने एक चौंकाने वाला संयोग भी उजागर किया, जो विजय रूपाणी के प्रिय लकी नंबर 1206 से जुड़ा है। यह नंबर उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा—चाहे उनकी पहली कार हो, स्कूटर हो या अन्य वाहन, हर जगह यही नंबर दिखता था। 12 जून यानी 12/06 की तारीख, उनके जीवन का अंतिम दिन बन गई। दोपहर 12 बजे वह एयरपोर्ट पहुंचे और उनकी सीट भी नंबर 12 थी। यह वही अंक था जिसे उन्होंने हमेशा सौभाग्य का प्रतीक माना, लेकिन इस दिन यही संख्या उनके जीवन का अंत बन गई। अंकशास्त्रियों के अनुसार, 1206 का कुल योग 9 होता है, जो मंगल ग्रह का प्रतीक है—यह साहस और शक्ति का द्योतक है, लेकिन नकारात्मक स्थिति में यह दुर्घटनाओं और मृत्यु का संकेत भी देता है।

Vijay Rupani: हादसा बेहद भयावह था। टकराव के बाद विमान ने पास के अतुल्यम हॉस्टल को भी चपेट में ले लिया, जहां सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रहते थे। हादसे में इमारतों में आग लग गई, जिससे कई लोग घायल हुए। राहत और बचाव कार्यों में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

Vijay Rupani: विजय रूपाणी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा। उनका जन्म 2 अगस्त 1956 को म्यांमार के यांगून में हुआ था। 1960 में म्यांमार की अस्थिरता के कारण उनका परिवार राजकोट, गुजरात आ गया। सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने RSS और ABVP के जरिए राजनीति में प्रवेश किया। आपातकाल के दौरान 1976 में वे जेल भी गए। 1987 में वे राजकोट नगर निगम के पार्षद बने और 1996-97 में मेयर रहे। 2006 से 2012 तक वे राज्यसभा सदस्य रहे, जबकि 2014 से 2016 के बीच उन्होंने गुजरात सरकार में मंत्री पद संभाला। अगस्त 2016 से सितंबर 2021 तक वे गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई दिशा दी।

Vijay Rupani: उनकी अचानक हुई मृत्यु से न केवल उनका परिवार बल्कि भारतीय जनता पार्टी और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बताया कि रूपाणी वर्तमान में पंजाब के पार्टी प्रभारी थे और लुधियाना पश्चिम उपचुनाव के चलते उन्होंने अपनी ब्रिटेन यात्रा पहले स्थगित कर दी थी। उनका निधन पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।


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