Vastu Tips: घर के इस दिशा में रखें गणेशजी की मूर्ति, दूर होंगे वास्तु दोष

Vastu Tips: घर के इस दिशा में रखें गणेशजी की मूर्ति, दूर होंगे वास्तु दोष
Vastu Tips: घर के इस दिशा में रखें गणेशजी की मूर्ति, दूर होंगे वास्तु दोष
Vastu Tips: सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य देवता और विघ्नों का नाश करने वाला माना गया है। उनकी पूजा किसी भी शुभ कार्य से पहले आवश्यक मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र और वास्तुशास्त्र में भी गणपति को विशेष स्थान दिया गया है। भगवान गणेश की कृपा से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोषों का नाश होता है, जिससे घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
घर के प्रवेश द्वार पर गणेश जी की स्थापना
यदि आपके घर के मुख्य द्वार पर वास्तु दोष है या दरवाज़े की दिशा सही नहीं है, तो इसका समाधान गणेश जी की मूर्ति के माध्यम से किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में गणेश जी की बैठी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा द्वार के दोनों ओर – अंदर और बाहर – स्थापित करनी चाहिए। इससे शुभ ऊर्जा घर में प्रवेश करती है और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है।

Vastu Tips: मूर्ति का आकार और स्थापना दिशा का रखें विशेष ध्यान
गणपति की मूर्ति का आकार अत्यधिक बड़ा नहीं होना चाहिए। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मूर्ति की ऊंचाई 6 इंच से अधिक और 11 अंगुल से बड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, मूर्ति को इस प्रकार रखें कि उसकी पीठ घर के अंदर की ओर न दिखे, क्योंकि यह दरिद्रता का संकेत माना जाता है। मूर्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर हो और इसे उत्तर, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पश्चिम दिशा में स्थापित करें।
खंडित मूर्ति से बचें, सीमित रखें संग्रह
गणेश जी की कई मूर्तियों को एकत्रित करना शुभ नहीं माना जाता। घर में एक या अधिकतम दो मूर्तियां ही रखें और सुनिश्चित करें कि कोई भी मूर्ति खंडित न हो, क्योंकि खंडित मूर्ति नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती है।
Vastu Tips: गणेश यंत्र से मिलेगी अतिरिक्त शुभता
अगर आप अपने घर में स्थायी सुख-शांति और धन-धान्य की प्राप्ति चाहते हैं, तो गणेश यंत्र की स्थापना करना लाभकारी होगा। यह यंत्र न केवल दुर्भाग्य और बाधाओं को दूर करता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि भी लाता है।

क्यों कहा जाता है – “जहां गणेश, वहां मंगल”
गणेश जी को “मंगलमूर्ति” कहा जाता है। मान्यता है कि जहां भगवान गणेश का वास होता है, वहां कोई विघ्न या नकारात्मकता टिक नहीं सकती। उनकी पत्नी रिद्धि-सिद्धि और पुत्र शुभ-लाभ के साथ उनका सम्पूर्ण परिवार समृद्धि, सुख और शुभफल प्रदान करता है।
यदि आप भी अपने घर में सौभाग्य और सफलता को आमंत्रित करना चाहते हैं तो गणपति की मूर्ति को वास्तु अनुसार स्थापित करें और नियमित रूप से उनका पूजन करें। इससे जीवन में आ रही बाधाएं स्वतः ही दूर होने लगती हैं।


