Uttarakhand : सीएम धामी का बड़ा ऐलान, शहीद आश्रितों की अनुग्रह राशि बढ़ाकर किया 50 लाख; परमवीर चक्र विजेताओं को 2 करोड़
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में शामिल होकर पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया।

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में शामिल होकर पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों का त्याग अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, बल्कि वह जीवनभर सैनिक रहता है। पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, अनुभव और राष्ट्रभक्ति से समाज को लगातार दिशा देने का कार्य करते हैं।
भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व हैं पूर्व सैनिक
सीएम धामी ने कहा कि पूर्व सैनिकों को केवल उनके पद या सेवा अवधि से नहीं आंका जा सकता। उनका अनुभव और समर्पण देश के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने अपने जीवन का स्वर्णिम समय राष्ट्र की रक्षा में लगाया है, इसलिए उनका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों तथा उनके परिवारों के संघर्ष, अनुशासन और त्याग को करीब से समझते हैं। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि इस धरती ने देश को अनेक वीर योद्धा दिए हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा भारत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हुई है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ा है और भारत अब रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। नया भारत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत निर्णय लेने में सक्षम है।
वन रैंक वन पेंशन को बताया ऐतिहासिक फैसला
सीएम धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने लंबे समय से लंबित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के सम्मान व कल्याण के लिए लगातार काम कर रही हैं।
शहीद आश्रितों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख
मुख्यमंत्री ने समारोह में सैनिक परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।
इसके अलावा परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली एकमुश्त अनुदान राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने बताया कि बलिदानी सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय सीमा भी बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।
सैनिकों के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सेवारत और पूर्व सैनिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं संचालित कर रही है। सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहा सैन्य धाम जल्द ही प्रदेश के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक बनेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा।
सैनिक परिवारों के हितों के समाधान का दिया भरोसा
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का सम्मान और उनके परिवारों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हमेशा शामिल रहेगा।


