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Varanasi Air Show 2026: काशी के आसमान में राफेल, सुखोई और तेजस का दम, PM मोदी ने देखा ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य प्रदर्शन

Varanasi Air Show 2026 में ‘विंग्स ओवर गंगा’ के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर आयोजित भव्य एयर शो देखा।

Varanasi Air Show 2026: काशी के आसमान में राफेल, सुखोई और तेजस का दम, PM मोदी ने देखा ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य प्रदर्शन
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Varanasi Air Show 2026: वाराणसी में मां गंगा के ऊपर आयोजित भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ में भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीकी क्षमता और हवाई करतबों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। काशी के ऐतिहासिक घाटों के ऊपर राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और अन्य सैन्य विमानों की गर्जना गूंज उठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को देखा। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में आधुनिक युद्धक क्षमता के साथ देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की झलक भी देखने को मिली।

सारंग हेलीकॉप्टर टीम से हुई शुरुआत, गंगा पर हुई पुष्पवर्षा

एयर शो की शुरुआत भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रदर्शन से हुई। हेलीकॉप्टरों ने आपसी तालमेल और सटीक नियंत्रण के साथ हवाई करतब दिखाए। इसके बाद तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों की ‘ओंकार’ फॉर्मेशन ने राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना के ध्वज के साथ आसमान में प्रवेश किया। तीन चेतक हेलीकॉप्टरों की ‘गंगा’ फॉर्मेशन ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। इस दौरान हेलीकॉप्टरों से मां गंगा पर पुष्पवर्षा की गई, जिसने आयोजन में आध्यात्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति के रंग जोड़ दिए।

राफेल और सुखोई की गर्जना से गूंजा काशी का आसमान

कार्यक्रम के दौरान सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी गति, शक्ति और सटीक उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया। ‘रुद्र’, ‘विश्वनाथ’ और ‘नीलकंठ’ जैसी फॉर्मेशन के जरिए भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता की झलक पेश की गई। चार जगुआर विमानों की ‘पशुपति’ फॉर्मेशन ने भी अनुशासित उड़ान और समन्वय का प्रदर्शन किया। अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमानों को एक साथ उड़ान भरते देख गंगा के दोनों किनारों पर मौजूद दर्शक रोमांचित नजर आए।

तीनों सेनाओं के समन्वय की दिखी झलक

एयर शो में ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन खास आकर्षण रही। इसमें भारतीय नौसेना के कामोव-31 हेलीकॉप्टर और वायुसेना तथा थलसेना के एएलएच मार्क-3 हेलीकॉप्टरों ने संयुक्त प्रदर्शन किया। इस फॉर्मेशन के जरिए तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और साझा अभियान क्षमता को प्रदर्शित किया गया। वहीं, ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का समन्वित प्रदर्शन देखने को मिला।

आसमान में दिखा वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ का प्रतीक

भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हेलीकॉप्टर से आसमान में ‘94’ का अंक और विशेष बैनर प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति ने वायुसेना की गौरवशाली यात्रा, राष्ट्रसेवा और वायु योद्धाओं के समर्पण को रेखांकित किया। इसके अलावा सी-295, डोर्नियर-228, सी-130 और एएन-32 जैसे विमानों की फॉर्मेशन ने परिवहन और एयरलिफ्ट क्षमता का परिचय दिया। एईडब्ल्यूएंडसी विमान के साथ मिग-29 तथा नौसेना के पी-8आई के साथ मिराज-2000 के प्रदर्शन ने हवाई निगरानी और सामरिक समन्वय की अहमियत को सामने रखा।

स्वदेशी तेजस के करतबों ने जीता दर्शकों का दिल

एयर शो के सबसे खास पड़ावों में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस का एकल प्रदर्शन शामिल रहा। विमान ने नियंत्रित रोल, तीव्र मोड़, वर्टिकल पिच-बैक और अन्य हवाई करतबों के जरिए अपनी फुर्ती और नियंत्रण क्षमता का प्रदर्शन किया। धीमी गति पर सटीक उड़ान से लेकर तेज मोड़ लेने तक, तेजस के प्रदर्शन ने दर्शकों को प्रभावित किया। यह प्रस्तुति स्वदेशी रक्षा तकनीक और भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं की झलक के रूप में भी सामने आई।

काल्पनिक हवाई युद्ध के जरिए दिखाई गई युद्धक तैयारी

कार्यक्रम में लड़ाकू विमानों के माध्यम से एक काल्पनिक हवाई युद्ध का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। इसमें जमीनी लक्ष्य पर हमले और विरोधी विमानों को रोकने की भूमिका का प्रदर्शन किया गया। रडार आधारित पहचान, लक्ष्य का पीछा करने और सामरिक स्थिति के अनुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया ने आधुनिक हवाई अभियानों की जटिलता को समझाने का प्रयास किया। विमानन तकनीक, सेंसर, पायलटों के प्रशिक्षण और समय पर लिए जाने वाले फैसलों की भूमिका भी इस प्रस्तुति का हिस्सा रही।

सूर्यकिरण टीम की कलात्मक उड़ानों के साथ समापन

एयर शो के अंतिम चरण में विशाल सी-17 ग्लोबमास्टर विमान और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने दर्शकों को रोमांचित किया। सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए विभिन्न आकृतियां बनाईं और सटीक तालमेल के साथ हवाई करतब प्रस्तुत किए। टीम के फ्लावर, बैरल रोल और अन्य फॉर्मेशन ने काशी के आसमान को रंगीन बना दिया। विमानों की एक साथ दिशा बदलने और अनुशासित उड़ान ने पायलटों के प्रशिक्षण, एकाग्रता और आपसी समन्वय की झलक पेश की।

काशी की विरासत और आधुनिक वायु शक्ति का संगम

‘विंग्स ओवर गंगा’ में सैन्य विमानन की क्षमता को काशी की सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया। फॉर्मेशन के नामों से लेकर गंगा पर पुष्पवर्षा और दशाश्वमेध से जुड़ी प्रस्तुति तक, आयोजन में स्थानीय विरासत की झलक शामिल रही। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सैन्य अधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे।


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