UP TGT-PGT Protest : TGT-PGT भर्ती पर घमासान, प्रयागराज में छात्रों का प्रदर्शन; नियम बदलने की उठी मांग
उत्तर प्रदेश में TGT-PGT शिक्षक भर्ती नियमों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। प्रयागराज में भर्ती नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गर्मा गया है।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में TGT-PGT शिक्षक भर्ती नियमों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। प्रयागराज में भर्ती नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गर्मा गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि देर रात पुलिस ने धरना स्थल से जबरन प्रदर्शनकारियों को हटाया, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले के बीच अब सरकार के सामने अभ्यर्थियों की मांगों, भर्ती प्रक्रिया और रिक्त पदों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कई दिनों से जारी था अभ्यर्थियों का आंदोलन
TGT-PGT अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से प्रयागराज में आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, करीब 10 दिनों से धरना चल रहा था, जबकि कुछ अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठे थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नई नियमावली को वापस लेने और पुरानी व्यवस्था के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
देर रात पुलिस कार्रवाई से बढ़ा विवाद
अभ्यर्थियों के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 2 बजे पुलिस टीम धरना स्थल पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उस समय बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों को चोटें आईं और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। वहीं प्रशासन की ओर से धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही गई।
भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध क्यों?
अभ्यर्थी 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई नियमावली का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए नियमों से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के अवसर प्रभावित होंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं -
-PGT पदों के लिए B.Ed को अनिवार्य करने का विरोध
-हिंदी विषय में संस्कृत की अनिवार्यता पर आपत्ति
-म्यूजिक और होम साइंस विषयों में नए नियमों का विरोध
-फिजिकल एजुकेशन और अन्य विषयों के उम्मीदवारों के अवसर सीमित होने की चिंता
अभ्यर्थियों का दावा है कि इन बदलावों से लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
60 हजार शिक्षक पदों की भर्ती की मांग
आंदोलनकारी लगातार प्रदेश में करीब 60 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन रिक्त पदों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी तक स्पष्ट आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द खाली पदों की संख्या स्पष्ट कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
सरकार के सामने बढ़ी चुनौती
TGT-PGT भर्ती को लेकर चल रहा विरोध अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। अभ्यर्थी नियमों में संशोधन और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार के सामने नई व्यवस्था को लागू करने और छात्रों की चिंताओं के समाधान के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।


