UP Flood Relief : बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का राहत अभियान, भोजन-इलाज से लेकर आश्रय और पशु चारे तक इंतजाम
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, आश्रय और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते बाढ़ के संकट के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, आश्रय और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, 30 अगस्त तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अब तक बाढ़ से किसी व्यक्ति या पशु की जनहानि की सूचना नहीं है।
17 जिलों में राहत-बचाव अभियान तेज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखने के लिए 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के जरिए प्रशासन राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी बाढ़ प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
लाखों लोगों तक पहुंचाया गया भोजन
बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई है। रविवार को 2,024 खाद्यान्न राहत पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए। अब तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और करीब 3.02 लाख लंच पैकेट लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को खाने-पीने की समस्या का सामना न करना पड़े।
मेडिकल टीमों की तैनाती, दवाओं का भी इंतजाम
राहत अभियान में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में 200 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जो लोगों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं। संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
254 बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित किए गए लोग
बाढ़ प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इन शरणालयों में फिलहाल 1,151 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा राहत और बचाव कार्यों के लिए 525 नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था
योगी सरकार के राहत अभियान में पशुओं को भी शामिल किया गया है। बाढ़ से प्रभावित करीब 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन के लिए भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आर्थिक सहायता
बाढ़ के कारण अब तक 12 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 11 प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी है और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।


