Prayagraj Flood Alert : गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से मंडराया बाढ़ का खतरा, 8 घंटे में 40 सेमी तक बढ़ा पानी; रेड अलर्ट जारी
दोनों नदियों का पानी बढ़ने से तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

Prayagraj Flood Alert: प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दोनों नदियों का पानी बढ़ने से तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और रेड अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
कुछ ही घंटों में तेजी से बढ़ा नदी का पानी
प्रयागराज में रविवार को गंगा और यमुना के जलस्तर में महज आठ घंटे के दौरान करीब 26 से 40 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर दोनों नदियों के जलस्तर में करीब एक मीटर तक वृद्धि बताई गई है। तेजी से बढ़ते पानी ने प्रशासन के साथ-साथ नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर और चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर निर्धारित है। फिलहाल नदियां इन स्तरों से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए अगले दो दिनों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहीं गंगा-यमुना
मौजूदा स्थिति में गंगा नदी चेतावनी बिंदु से करीब 1.57 मीटर और यमुना लगभग 1.71 मीटर नीचे है। प्रशासन के अनुसार जिले के तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की टीमें जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि स्थिति बिगड़ने की स्थिति में समय रहते राहत और बचाव की तैयारियां की जा सकें।
रिवर फ्रंट रोड पानी में डूबी
बढ़ते जलस्तर का असर अब शहर और ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। गंगा किनारे स्थित रिवर फ्रंट रोड के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है। वहीं, नालों के रास्ते पानी आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने की सूचना है। नदी के किनारे बसे कई गांवों में भी बाढ़ का पानी धीरे-धीरे पहुंचने लगा है।निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो इन क्षेत्रों में आवागमन और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
संगम और तटीय इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संगम क्षेत्र और नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को जलस्तर की लगातार जानकारी जुटाने और प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और तटबंध सुरक्षित हैं। लेकिन बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए एहतियात के तौर पर तैयारियां मजबूत की जा रही हैं।
अगले दो दिन अहम, बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में यदि बारिश का दौर जारी रहता है और गंगा-यमुना का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो प्रयागराज के निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


