Baghpat Accident : ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे हादसे में मृतकों की संख्या 13 पहुंची, श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को कैंटर ने मारी थी टक्कर
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी पिकअप गाड़ी पलटने से एक बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए।

बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। राजस्थान के बांगड़ धाम से दर्शन कर बदायूं लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को कैंटर ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराया और पलट गया। हादसे में शुरुआत में छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल सात अन्य श्रद्धालुओं ने मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कैंटर की टक्कर से पलटी श्रद्धालुओं से भरी पिकअप
यह दर्दनाक हादसा रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे बड़ागांव टोल के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, पिकअप में कुल 32 श्रद्धालु सवार थे, जो राजस्थान के बांगड़ धाम से धार्मिक यात्रा पूरी कर अपने घर बदायूं लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कैंटर ने पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद कई श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए।
राहगीरों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान चलाया। घायलों को बाहर निकालकर पहले सीएचसी खेकड़ा और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए कई घायलों को मेरठ और दिल्ली के अस्पतालों में रेफर किया गया।
मेरठ में इलाज के दौरान 7 लोगों की मौत
अस्पताल में भर्ती घायलों में से सात श्रद्धालुओं की हालत बेहद गंभीर थी। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्तमान में करीब 12 घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज जारी है। हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
ओवरलोडिंग ने उठाए गंभीर सवाल
हादसे के बाद पिकअप में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि छोटे वाहन में 32 लोग सवार थे, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। आरोप है कि वाहन में अतिरिक्त व्यवस्था कर यात्रियों को बैठाया गया था। यह मामला सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस कर रही हादसे की जांच
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही कैंटर चालक की भूमिका और वाहन संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


