Uttar Pradesh : लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नकली चायपत्ती बनाने का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में चल रही इस अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। यहां पर बलुआ पत्थर, केमिकल और नेपाल से लाई गई सस्ती चायपत्ती को मिलाकर नकली चायपत्ती तैयार की जा रही थी। इसे नामी कंपनियों के रैपर में पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था।
नकली चायपत्ती फैक्ट्री का संचालन
यह अवैध फैक्ट्री फैजुल्लागंज में चल रही थी। पुलिस और खाद विभाग को इसकी जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ के साथ मिलकर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली चायपत्ती, ब्रांडेड कंपनियों के रैपर और अन्य उपकरण बरामद किए गए। मौके पर मौजूद फैक्ट्री मालिक सहित सभी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नेपाल से सस्ती चायपत्ती मंगाते थे। इसे बलुआ पत्थर और केमिकल में मिलाकर चमकदार और रंगीन बनाते थे। इसके बाद इसे "टाइगर चाय," "गार्डन फेस," और "गुड मॉर्निंग असम" जैसे ब्रांडेड नामों के रैपर में पैक कर मार्केट में बेचते थे।
सेहत से खिलवाड़
यह नकली चायपत्ती न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही थी, बल्कि उनकी सेहत के लिए भी गंभीर खतरा थी। केमिकल युक्त और अशुद्ध सामग्री से बनी इस चायपत्ती का उपयोग करने से लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था।
फैक्ट्री की गतिविधियां और नेटवर्क
एसटीएफ ने पिछले एक साल से इस अवैध फैक्ट्री की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। फैक्ट्री में प्रतिदिन दो क्विंटल से अधिक नकली चायपत्ती तैयार की जाती Uttar Pradesh : गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक मोहम्मद आरिफ और अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरिफ ने बताया कि वे नकली चायपत्ती को सस्ते दाम पर आस-पास के जिलों में बेचते थे। ब्रांडेड रैपर के कारण ग्राहकों को शक नहीं होता था, और बाजार में यह आसानी से बिक जाती थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
एसटीएफ और खाद विभाग इस फैक्ट्री के पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह रैकेट राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हो सकता है। फिलहाल फैक्ट्री से बरामद दस्तावेजों और उपकरणों की गहन जांच की जा रही है।
लखनऊ में नकली चायपत्ती बनाने का यह रैकेट उपभोक्ताओं को आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों ही स्तर पर नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस और एसटीएफ की इस कार्रवाई ने न केवल इस अवैध फैक्ट्री को बंद किया है, बल्कि इसके नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जनता से अपील की गई है कि वे जागरूक रहें और ऐसे उत्पादों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।