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Unique Marriage : वृंदावन में हुआ अनोखा विवाह, भक्ति में डूबी ज्योति ने लड्डू गोपाल से रचाई शादी...

Unique Marriage : वृंदावन में हुआ अनोखा विवाह, भक्ति में डूबी ज्योति ने लड्डू गोपाल से रचाई शादी...
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Unique Marriage : वृंदावन में हुआ अनोखा विवाह, भक्ति में डूबी ज्योति ने लड्डू गोपाल से रचाई शादी…

Unique Marriage : वृंदावन। भक्ति और प्रेम की नगरी वृंदावन में एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींचा है। हरियाणा की रहने वाली ज्योति भदवार ने अपने वैवाहिक जीवन से तंग आकर तलाक लेने के बाद भगवान श्रीकृष्ण को अपना जीवनसाथी चुना। शनिवार को वृंदावन में हुए इस विवाह समारोह में ज्योति ने लड्डू गोपाल के साथ सात फेरे लेकर अपने जीवन को भगवान कृष्ण को समर्पित कर दिया।

बता दें कि 34 वर्षीय ज्योति मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले के गांव सुमरिया की निवासी हैं। पेशे से नर्स ज्योति ने 2012 में शादी की थी, लेकिन पति से इज्जत न मिलने के कारण उन्होंने तलाक ले लिया। इसके बाद वह पिछले एक साल से वृंदावन में रहकर कृष्ण भक्ति में लीन थीं। ज्योति ने बताया कि वह कक्षा 8 से ही कृष्ण भक्ति करती आ रही हैं और उनके सपने में भगवान श्रीकृष्ण अक्सर आते थे।

Unique Marriage : सनातन रीति-रिवाज से हुई शादी-
ज्योति ने वृंदावन के छह शिखर मंदिर के पास स्थित हरे कृष्ण धाम में भगवान श्रीकृष्ण से विवाह रचाया। इस विवाह समारोह में उनके गुरु डॉक्टर गौतम ने बेटी के रूप में उनका कन्यादान किया। शादी की सभी रस्में सनातन परंपरा के अनुसार निभाई गईं। ज्योति ने दुल्हन के रूप में मीरा बाई की तरह सजधज कर लड्डू गोपाल के साथ सात फेरे लिए।

रिश्तेदारों और भक्तों ने लिया हिस्सा-
इस अनोखी शादी में ज्योति के रिश्तेदार और कई भक्त शामिल हुए। बारात में दर्जनों लोगों ने भाग लिया और बैंड-बाजे के साथ शादी की रस्में पूरी की गईं। ज्योति ने कहा, जो सपने मुझे रात में आते थे, वो आज हकीकत में बदल गए। मैंने भगवान श्रीकृष्ण को अपना जीवनसाथी चुना है और अब मेरा जीवन उन्हीं को समर्पित है।

Unique Marriage : ज्योति का संघर्ष और भक्ति का सफर-
ज्योति ने बताया कि उन्होंने सिरसा में 12वीं कक्षा पास करने के बाद नर्सिंग की पढ़ाई की और जीपी गोयंका मैक्स जैसे बड़े अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम किया। तलाक के बाद उन्होंने भगवान कृष्ण की भक्ति को ही अपना सहारा बनाया। उन्होंने कहा, मेरे जीवन का एकमात्र उद्देश्य अब भगवान श्रीकृष्ण की सेवा करना है।


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