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Union Budget 2026: जीएसटी छूट से मालामाल ऑटो सेक्टर, केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें, स्थिर नीति और EV को मिलेगी मजबूती

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Union Budget 2026
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Union Budget 2026

Union Budget 2026: नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026 अब बस कल दूर है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां बजट पेश करेंगी। बजट से पहले भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। पिछले साल सितंबर में हुए जीएसटी 2.0 सुधारों ने सेक्टर को जबरदस्त उछाल दिया, जिससे आईसीई वाहन सस्ते हुए और बिक्री में तेजी आई। हालांकि, इंडस्ट्री का मानना है कि आगे की ग्रोथ के लिए बजट में अतिरिक्त समर्थन जरूरी है, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और स्थिर नीतियों के लिए।

Union Budget 2026: ऑटो सेक्टर की सबसे बड़ी मांग नीति में स्थिरता की है। कंपनियां चाहती हैं कि सरकार बार-बार नियम न बदले और पहले घोषित इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर अमल करे। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, लोकल मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी और प्लानिंग आसान बनेगी।

Union Budget 2026: जीएसटी से और राहत की उम्मीद है। आईसीई वाहनों पर मिली छूट से इंडस्ट्री खुश है, लेकिन हाइब्रिड और ईवी पर टैक्स राहत मांगी जा रही है ताकि उनकी कीमतें पेट्रोल-डीजल वाहनों के करीब आएं। दोपहिया सेगमेंट में छोटे इंजन वाली बाइक्स पर एकसमान टैक्स और 350 सीसी से बड़े इंजन वाली परफॉर्मेंस बाइक्स (जैसे रॉयल एनफील्ड) पर टैक्स कम करने की मांग है।

Union Budget 2026: ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। कंपनियां पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने, पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं को जारी रखने और ईजी फाइनेंस की मांग कर रही हैं। काइनेटिक वॉट्स एंड वोल्ट्स के एमडी अजिंक्य फिरोदिया ने कहा कि ईवी अपनाने के लिए लो रनिंग कॉस्ट और स्मार्ट टेक्नोलॉजी मुख्य वजह हैं। उन्होंने प्रदूषण आधारित टैक्स, पुराने वाहनों को स्क्रैप कर ईवी खरीदने पर ज्यादा लाभ और स्टार्टअप्स के लिए अलग पीएलआई स्कीम का सुझाव दिया।

Union Budget 2026: मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए लोकल पार्ट्स पर ड्यूटी कम करने, सप्लायर डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर फोकस मांगा गया है। आरएसबी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रजनिकांत बेहेरा ने कहा कि इनपुट ड्यूटी सुधार और ट्रांसपैरेंट क्लीयरेंस से एक्सपोर्ट बढ़ेगा।

रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट और फंडिंग की मांग है। स्टड्स एक्सेसरीज के एमडी सिद्धार्थ खुराना ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और रोड सेफ्टी पर फोकस से सेक्टर ग्लोबल हब बनेगा।
इंडस्ट्री का मानना है कि स्थिर नीति, ईवी इंसेंटिव और मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट से भारत का ऑटो सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।


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