पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और रविवार का महत्व: आज 5 जनवरी 2025, पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है। पौष मास में रविवार का व्रत रखने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे यश, सम्मान और रोगों से मुक्ति मिलती है। इसे "पोसिया रविवार" के नाम से भी जाना जाता है।
पौष माह के रविवार को सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष नियम बताए गए हैं।
तांबे के बर्तन में जल भरें: इसमें शुद्ध जल, लाल चंदन और लाल रंग के फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
मंत्र जाप: "ॐ नमः सूर्याय" या "आदित्य स्तोत्र" का पाठ करें।
लाल चंदन का तिलक: घर से बाहर निकलने से पहले माथे पर लाल चंदन का तिलक लगाएं।
लाल रंग के कपड़े: शुभ कार्यों और सफलता के लिए लाल रंग के कपड़े पहनें।
आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त:
शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:56 से 5:48 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:49 तक
अशुभ समय:
राहुकाल: सुबह 9:28 से 10:49 तक
गुलिक काल: शाम 4:16 से 5:37 तक
आज का पंचांग:
दिन: रविवार
तिथि: षष्ठी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
योग: ब्रह्म योग
करण: तैतिल
सूर्योदय: सुबह 7:10 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:25 बजे
चंद्रमा: धनु राशि में
व्रत और त्योहार:
पोसिया रविवार व्रत: सूर्य देव की कृपा पाने के लिए यह व्रत किया जाता है।
पंचमी तिथि: जिन लोगों का स्वास्थ्य खराब है, उन्हें सूर्य देव की उपासना के साथ-साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
राहुकाल का महत्व और उपाय:
राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इस समय यात्रा, निवेश और नए कार्य शुरू करने से हानि हो सकती है। यदि राहुकाल में कुछ करना आवश्यक हो, तो हनुमान चालीसा का पाठ करें या भगवान शिव का स्मरण करें।
आज का दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। पूजा के दौरान बताए गए नियमों का पालन करें और अपने दिन को सफल और मंगलमय बनाएं।