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Tirupati Prasad Controversy: तिरुपति प्रसाद विवाद: लड्डू में नहीं था गोमांस वाला घी, CBI की चार्जशीट में बड़ा खुलासा

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Tirupati Prasad Controversy
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Tirupati Prasad Controversy: नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे जाने वाले लड्डुओं में मिलावट के आरोप ने देशभर में हलचल मचा दी थी। इस मामले में CBI की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है। चार्जशीट में स्पष्ट किया गया कि 2019 से 2024 के बीच लड्डू बनाने में इस्तेमाल हुए घी में कोई गोमांस या पशु वसा (लार्ड) नहीं था।

Tirupati Prasad Controversy: 2019-2024 के लड्डू और घी की जांच

आरोप पत्र के अनुसार लड्डू बनाने में इस्तेमाल घी में केवल वनस्पति तेल और कृत्रिम रासायनिक एस्टर मिलाए गए थे, ताकि मानक प्रयोगशाला परीक्षणों में शुद्ध घी का झूठा परिणाम मिले। जांच में यह भी पाया गया कि उत्तराखंड स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी ने 2019-2024 के बीच अपनी इकाई में दूध या मक्खन खरीदे बिना टीटीडी को कम से कम 68 किलोग्राम घी सप्लाई किया।

Tirupati Prasad Controversy: घी में ताड़ के तेल और कृत्रिम मिलावट

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, मंदिर के गुणवत्ता नियंत्रण को धोखा देने के लिए घी में ताड़ के तेल, ताड़ के बीज का तेल और पामोलिन मिलाया गया। इसके साथ ही बीटा कैरोटीन और कृत्रिम स्वाद मिलाकर घी को गाय के घी जैसा रंग और सुगंध दी गई। आरोप पत्र में स्पष्ट किया गया कि घी में “एस-वैल्यू” का विचलन वनस्पति तेलों और रासायनिक एस्टरों के कारण हुआ, न कि पशु वसा की वजह से।

Tirupati Prasad Controversy: चार्जशीट में शामिल 36 आरोपी

चार्जशीट में कुल 36 लोगों का नाम लिया गया है। मुख्य आरोपी टीटीडी के पूर्व महाप्रबंधक (खरीद) आरएसएसवीआर सुब्रह्मण्यम हैं, जिन पर कथित तौर पर ब्लैकलिस्टेड कंपनी से टेंडर मंजूर करने का आरोप है। अन्य आरोपी हैं विजय भास्कर रेड्डी, टीटीडी अध्यक्ष के पूर्व सहायक चिन्ना अप्पन्ना, तथा भोले बाबा डेयरी के निदेशक पोमिल और विपिन जैन। आरोप है कि 2022 में ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद, जैन परिवार ने कृत्रिम घी को अन्य डेयरियों के माध्यम से टीटीडी तक पहुंचाया।

Tirupati Prasad Controversy: राजनीतिक विवाद और विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस खुलासे के बाद वाईएसआर कांग्रेस ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण को झूठे प्रचार के लिए माफी मांगनी चाहिए। वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि तिरुमाला मंदिर राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक केंद्र है, और इसे राजनीति से प्रभावित करने की कोशिश गलत है।


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