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चंदखुरी में भगवान श्रीराम की प्रतिमा निर्माण में आई बाधाएं, मूर्तिकार ने बताई वजह...

चंदखुरी में भगवान श्रीराम की प्रतिमा निर्माण में आई बाधाएं,
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चंदखुरी में भगवान श्रीराम की प्रतिमा निर्माण में आई बाधाएं,

Raipur: छत्तीसगढ़ के कौशल्या माता धाम चंदखुरी में राम वनगमन पथ पर भगवान राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण कार्य में एक बड़ी बाधा आ गई है। इस विशाल मूर्ति के निर्माण में अब देरी हो रही है, और इसके निर्माण में शामिल मूर्तिकार ने इसके पीछे की वजह बताई है।Chhattisgarh Chandkhuri Ram Murti Controversy | BJP Vs Congress | चंदखुरी  वाली श्रीराम मूर्ति बदलेगी सरकार: संस्कृति मंत्री बृजमोहन ने बताया था विकृत  प्रतिमा; कांग्रेस ...

ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा, जो इस प्रतिमा के निर्माण के जिम्मेदार हैं, ने खुलासा किया कि उन्हें अब तक पेमेंट नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से काम रुका हुआ है क्योंकि ठेकेदार राम किशोर से उन्हें भुगतान नहीं मिला है। दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, उन्होंने कई बार ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन या तो फोन नहीं उठाया गया या फिर पेमेंट की स्थिति को लेकर टालमटोल की गई।

मूर्तिकार का आरोप

दीपक विश्वकर्मा ने बताया, “हमने कई बार ठेकेदार राम किशोर को कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप कॉल की हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा या तो फोन नहीं उठाया, या फिर कहा कि पेमेंट नहीं मिली है।” इस कारण मूर्ति निर्माण का काम रुक गया है और पिछले एक महीने से कोई प्रगति नहीं हो पाई है। दीपक ने यह भी कहा कि जब वह फोन पर संपर्क करते हैं, तो ठेकेदार हर बार यही कहते हैं कि पेमेंट का मामला लंबित है, जिसके चलते काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।The first statue of Ram Vanagaman Path will be changed | राम वनगमन पथ की  पहली मूर्ति बदलेगी: चंदखुरी में लगेगी भगवान राम की 51 फीट की नई मूर्ति, दो  टन के

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का बयान

वहीं, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पीआरओ अनुराधा दुबे ने इस मुद्दे पर अपनी अलग राय दी। उन्होंने कहा कि मूर्ति का निर्माण अब भी जारी है, लेकिन इसमें थोड़ा समय लग रहा है। अनुराधा दुबे के अनुसार, "सैंड स्टोन, जो इस मूर्ति के निर्माण के लिए आवश्यक है, वह अभी तक पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पाया है। मूर्तिकार को एक समान पत्थर के टुकड़ों की आवश्यकता है, जिसे खोजने में समय लग रहा है।" उनका यह भी कहना था कि पेमेंट में कोई देरी नहीं हुई है और यह निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा।

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अनुराधा दुबे ने आगे बताया कि सैंड स्टोन की गुणवत्ता और आकार को लेकर काफी समय से जांच चल रही है ताकि मूर्ति का निर्माण सही तरीके से किया जा सके। उनका कहना था, "कुछ तकनीकी कारणों से मूर्ति का निर्माण थोड़ी देरी से हो रहा है, लेकिन इस प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रयास लगाए जा रहे हैं।"

परियोजना का महत्व

चंदखुरी में भगवान श्रीराम की यह विशाल प्रतिमा न केवल छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन में एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाली है, बल्कि राम वनगमन पथ के अंतर्गत एक प्रमुख आकर्षण भी बनेगी। भगवान राम की प्रतिमा को लेकर स्थानीय लोगों में भी भारी उत्साह है, और इसकी निर्माण प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच कई उम्मीदें हैं।

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यह परियोजना प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने और रामायण से जुड़े धार्मिक महत्व को फिर से जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस प्रतिमा के साथ-साथ, चंदखुरी में राम वनगमन पथ को लेकर अन्य विकास कार्य भी किए जा रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से और भी महत्वपूर्ण बनाया जा सके।

इस समय निर्माण कार्य में रुकावटें आने से स्थानीय लोग और पर्यटक थोड़ा निराश हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या जल्द ही हल हो जाएगी। सैंड स्टोन की आपूर्ति और भुगतान संबंधित समस्याओं के समाधान के बाद भगवान राम की यह भव्य प्रतिमा जल्द ही पूरी हो जाएगी, जो क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को बढ़ाएगी। हालांकि, मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा की ओर से उठाए गए मुद्दे को लेकर जांच की आवश्यकता बनी हुई है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।


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