संभल। दीपा सराय इलाके में स्थित एक 46 साल पुराना शिव मंदिर अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर को साजिश के तहत छुपाने और बंद करने की कोशिश की गई थी। नया निर्माण करके मंदिर को ढकने का प्रयास किया गया, लेकिन बिजली चेकिंग के दौरान प्रशासन की नजर इस पर पड़ी।
क्या है मामला?
मंदिर, जिसमें भगवान शिव का शिवलिंग और हनुमान जी की मूर्ति मौजूद है, को कुछ लोगों ने साइड में नया निर्माण कर छुपाने का प्रयास किया था। मंदिर की पहचान मिटाने और इसे बंद रखने की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं।
मंदिर दोबारा खुलने पर पूजा-अर्चना
मंदिर के खुलने के बाद कुछ लोगों ने हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाकर पूजा-अर्चना की। यह मंदिर संभल के हिंसा प्रभावित क्षेत्र दीपा सराय में स्थित है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
बिजली विभाग की चेकिंग के दौरान जब मंदिर की जानकारी सामने आई, तो जिला प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया। फिलहाल, प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि मंदिर को छुपाने की साजिश में कौन लोग शामिल थे।
मंदिर का महत्व
यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। 46 साल बाद इसके फिर से खुलने से इलाके में आस्था और जागरूकता का माहौल बना है।
इस घटना ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि धार्मिक स्थलों को संरक्षित रखने की जरूरत पर भी सवाल उठाए हैं।