तेलंगाना के खम्मम जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बीसी वेलफेयर हॉस्टल में रहने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा लक्ष्मी भवानी कीर्ति को मार्च से नवंबर 2024 के बीच चूहों ने करीब 15 बार काटा। इन हमलों के कारण उसे दाहिने हाथ और पैर में लकवा हो गया।
बार-बार चूहों के काटने का असर
लक्ष्मी को हर बार चूहों के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई, लेकिन यह समस्या को रोकने में नाकाफी साबित हुई। हॉस्टल में चूहों की समस्या से अन्य छात्रों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। परिवार का आरोप है कि इन घटनाओं को रोकने में प्रशासन की घोर लापरवाही रही, जिससे लक्ष्मी की स्थिति गंभीर हुई।
अस्पताल में इलाज जारी
वर्तमान में लक्ष्मी खम्मम के ममता जनरल अस्पताल में भर्ती है, जहां पूर्व मंत्री पुव्वाडा अजय कुमार उसकी देखरेख कर रहे हैं। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन वह अभी भी न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रही है।
परिवार और अन्य छात्रों का बयान
लक्ष्मी के परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बार-बार चूहों के काटने से उसकी हालत बिगड़ी और समय पर उचित कदम नहीं उठाए गए। अन्य छात्रों ने भी हॉस्टल में चूहों की समस्या की पुष्टि की है।
प्रशासन पर सवाल
यह घटना सरकारी हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है। छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर शिक्षा विभाग की अनदेखी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।