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AI की रफ्तार पर बोले सत्य नडेला: कहा- सुपरइंटेलिजेंस तभी बने, जब इंसानों के कंट्रोल में रहे; इंसानियत को फायदा नहीं, तो आगे बढ़ना बेकार

AI के विकास और सुरक्षा को लेकर बहस तेज

AI की रफ्तार पर बोले सत्य नडेला: कहा- सुपरइंटेलिजेंस तभी बने, जब इंसानों के कंट्रोल में रहे; इंसानियत को फायदा नहीं, तो आगे बढ़ना बेकार
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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विकास को लेकर टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई और ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन AI की विकास रफ्तार को धीमा करने की बात कह चुके हैं। अब माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने भी इस बहस में अपनी राय रखी है। हालांकि, नडेला AI की दौड़ रोकने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।

मानवीय नियंत्रण में हो सुपरइंटेलिजेंस

एक्स पर पोस्ट में नडेला ने कहा कि सुपरइंटेलिजेंस बनाने की बुनियादी शर्त यह होनी चाहिए कि इससे मानवता को फायदा हो और इसका नियंत्रण इंसानों के हाथ में रहे। उनके मुताबिक, अगर AI मानवता की मदद नहीं कर रहा और मानवीय नियंत्रण से बाहर हो रहा है, तो ऐसी तकनीक विकसित करने का कोई मतलब नहीं है।

AI सिस्टम की लगातार निगरानी की जरूरत

नडेला ने AI सिस्टम की सुरक्षा जांच के लिए एम्बेडेड इवैल्यूएटर्स का समर्थन किया। ये स्वतंत्र विशेषज्ञ AI के व्यवहार और सुरक्षा उपायों की लगातार निगरानी कर सकते हैं। अमोडेई भी AI लैब्स में स्वतंत्र थर्ड-पार्टी इवैल्यूएटर्स को पहुंच देने की बात कह चुके हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि कंपनियां सुरक्षा नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।

मुट्ठीभर कंपनियों के हाथ में न हो AI

नडेला ने AI पर कुछ ही कंपनियों के नियंत्रण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI इकोसिस्टम में अलग-अलग देशों, कंपनियों, उद्योगों और शिक्षाविदों की भागीदारी होनी चाहिए। क्लोज्ड और ओपन-सोर्स दोनों तरह के AI मॉडल को विकसित होने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि पूरी इंडस्ट्री किसी एक AI प्रदाता पर निर्भर न हो।

कंपनियों को अपने डेटा पर नियंत्रण मिले

नडेला के मुताबिक, कंपनियों के पास अपनी गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी पर पूरा नियंत्रण होना चाहिए। संगठनों को अपने ज्ञान को AI मॉडल में शामिल करने और अपनी जरूरत के अनुसार सिस्टम को बेहतर बनाने की क्षमता मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे कंपनियां किसी एक AI प्रदाता पर लंबे समय तक निर्भर रहने से बच सकेंगी।

माइक्रोसॉफ्ट बनाएगा AI के लिए आचार संहिता

नडेला ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अपने फर्स्ट-पार्टी AI मॉडल के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट जारी करने की योजना बना रहा है। इस पर सार्वजनिक रूप से लोगों की राय भी ली जाएगी। उनका यह कदम ऐसे समय आया है, जब AI कंपनियों पर सुरक्षा को लेकर अपने दावों को व्यावहारिक रूप से साबित करने का दबाव बढ़ रहा है।

AI से फायदे के साथ बड़े खतरे की भी चिंता

अमोडेई ने AI के संभावित फायदों के साथ इसके खतरों को लेकर चेतावनी दी है। उनका मानना है कि AI गंभीर बीमारियों का इलाज खोजने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद कर सकता है। वहीं, साइबर हमले, बायोटेररिज्म और AI के बेकाबू होने जैसे खतरे भी सामने आ सकते हैं। इसी वजह से AI की रफ्तार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की मांग जोर पकड़ रही है।


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