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Tata Steel Masters 2025: 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियन को किया पराजित...

Dev Verma
Tata Steel Masters 2025: 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियन को किया पराजित...
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Tata Steel Masters 2025: 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियन को किया पराजित…

Tata Steel Masters 2025: भारत के 19 वर्षीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने टाटा स्टील मास्टर्स 2025 में शानदार जीत हासिल कर वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को मात दी है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद प्रज्ञानंद चर्चा का केंद्र बन गए हैं। यह मुकाबला 2 फरवरी को नीदरलैंड के विज्क आन जी में हुआ, जहां टाईब्रेक में प्रज्ञानंद ने 18 वर्षीय गुकेश को शिकस्त दी। इस जीत से गुकेश, जो 2024 के अंत में शतरंज के विश्व चैंपियन बने थे, को बड़ा झटका लगा है।

कौन हैं आर प्रज्ञानंद?

आर प्रज्ञानंद का जन्म 10 अगस्त 2005 को चेन्नई में हुआ था। उनके पिता रमेश बाबू और माता नागलक्ष्मी हैं। उन्होंने बेहद कम उम्र में शतरंज की दुनिया में कदम रखा और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

बहन से मिली प्रेरणा

प्रज्ञानंद की शतरंज में रुचि बचपन से ही थी। उनकी बड़ी बहन आर वैशाली भी ग्रैंडमास्टर हैं और उन्होंने ही प्रज्ञानंद को इस खेल के लिए प्रेरित किया। माता-पिता ने भी उनके सफर में अहम भूमिका निभाई। उनकी मां अक्सर उनके मुकाबलों में उनके साथ जाती हैं, और यदि संभव न हो तो घर पर बैठकर टीवी पर मैच देखती हैं।

19 वर्षीय प्रज्ञानंद बने शतरंज के किंग, वर्ल्ड चैंपियन को रोमांचक मैच में  दी शिकस्त | Times Now Navbharat

Tata Steel Masters 2025: मैग्नस कार्लसन को भी दी मात

प्रज्ञानंद ने सिर्फ डी गुकेश ही नहीं, बल्कि पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी हराया है। 2022 में एयरथिंग्स मास्टर्स टूर्नामेंट के आठवें दौर में उन्होंने कार्लसन को शिकस्त दी थी। इसके बाद स्टावेंजर 2024 में नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के तीसरे दौर में भी उन्होंने क्लासिकल गेम में कार्लसन को हराया।

प्रज्ञानंद की उपलब्धियां

  • 2013वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप अंडर-8 विजेता।
  • 2015वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप अंडर-10 विजेता।
  • 2023शतरंज वर्ल्ड कप फाइनलिस्ट बने, ऐसा करने वाले विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय बने।

प्रज्ञानंद की इस उपलब्धि ने भारतीय शतरंज को एक बार फिर वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है। अब सभी की निगाहें उनकी आने वाली प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं।


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