सरगुजा : Surguja News : सरगुजा जिले के मैनपाट में 498 एकड़ शासकीय भूमि के नाम पर लगभग 3.56 करोड़ रुपये का फर्जी ऋण लेने का मामला तूल पकड़ रहा है। जिला प्रशासन ने इस मामले में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के करीबी अटल यादव सहित 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मुद्दे पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और सीतापुर के वर्तमान विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अपने करीबी पर दर्ज एफआईआर को लेकर कहा, "जो गलत हुआ है, वह गलत है, लेकिन इसे जानबूझकर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। ये भूमि वर्षों से कई परिवारों के कब्जे में थी और वे खेती कर रहे थे। अगर प्रक्रिया में कोई चूक हुई है, तो इसके लिए पूरी तरह राजस्व विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। आखिर पट्टे देने वाले अधिकारी कौन हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है? प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।"
विधायक रामकुमार टोप्पो का जवाब
दूसरी ओर, वर्तमान विधायक रामकुमार टोप्पो ने इस कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, "सीतापुर विधानसभा में 2011 से यह जमीन घोटाला चल रहा था, लेकिन जनता इससे अनजान थी। कांग्रेस के शासनकाल में इन कीमती जमीनों को कब्जे में लेने का यह बड़ा षड्यंत्र था। अब जब बीजेपी की सरकार बनी है, तो ऐसे भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं। यह तो केवल ट्रेलर है, जांच में 1000 एकड़ से अधिक शासकीय भूमि के फर्जीवाड़े का खुलासा होने की संभावना है।"
सीतापुर विधानसभा में बदलाव का असर
रामकुमार टोप्पो ने यह भी कहा कि आजादी के बाद पहली बार सीतापुर विधानसभा में बीजेपी की सत्ता आई है और इसी बदलाव के कारण इतने बड़े घोटालों का खुलासा संभव हो सका है। उन्होंने पूर्व मंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, "पूर्व विधायक अमरजीत भगत अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन घोटालों में लिप्त थे, लेकिन अब सच्चाई सामने आ रही है।"
जांच जारी, और घोटालों के खुलासे की संभावना
इस बड़े मामले को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इस दौरान और भी घोटालों के सामने आने की संभावना है। जिला प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की राजनीति दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना होगा कि जांच के नतीजे क्या आते हैं और इस घोटाले के असली गुनहगार कौन साबित होते हैं।