सूरजपुर : ग्राम पंचायत सरमा और वर्तमान पचिरा सचिव दयाशंकर साहु को लाखों रुपए के गबन के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पंचायत अधिनियम के तहत की गई। सरमा गांव के ग्रामीणों ने सचिव के खिलाफ गबन की शिकायत की थी और उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर भूख हड़ताल और अनशन किया था।
ग्रामीणों का आरोप
ग्राम पंचायत सरमा के सचिव पर पंचायत विकास कार्यों में लाखों रुपए के गबन का आरोप है। ग्रामीणों ने उचित कार्रवाई के लिए प्रशासन से कई बार अनुरोध किया था। जब प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीणों ने अनशन का सहारा लिया।
प्रशासन की कार्रवाई
ग्रामीणों की शिकायत और भूख हड़ताल के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में गबन के आरोपों की पुष्टि होने पर सचिव को निलंबित कर दिया गया।
जांच में और खुलासे संभव
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद गबन की राशि और अधिक होने का मामला सामने आ सकता है। इसके लिए जांच प्रक्रिया जारी है।
ग्रामीणों का संतोष
सचिव पर कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया। उनका कहना है कि प्रशासन ने उनकी मांगों को सुना और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाया।
यह मामला ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करता है। प्रशासन का यह कदम अन्य पंचायतों में भी अनुशासन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।