नई दिल्ली। Subhash Chandra Bose: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नेताजी कभी आरामदायक जीवन में नहीं फंसे। इसी भावना से प्रेरित होकर हमें भी अपने आराम से बाहर निकलकर एक विकसित भारत के निर्माण के लिए काम करना होगा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा, "नेताजी का जीवन स्वराज (स्व-शासन) के प्रति समर्पित था। उन्होंने विभिन्न वर्गों को एकजुट कर भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया। हमें भी एकजुट होकर देश के विकास के लिए प्रयास करना चाहिए।"
Subhash Chandra Bose: आराम से बाहर निकलने की प्रेरणा
पीएम मोदी ने कहा, "नेताजी कभी भी आरामदायक जीवन में नहीं फंसे। इसी तरह, हमें भी वैश्विक स्तर पर सर्वोत्तम बनने के लिए उत्तमता और महारत पर ध्यान केंद्रित करना होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि हमें ऐसे लोगों और ताकतों से सतर्क रहना होगा, जो भारत को कमजोर करने और इसकी एकता को खंडित करने की कोशिश कर रहे हैं।
Subhash Chandra Bose: नेताजी के सम्मान में कार्य
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा नेताजी के सम्मान में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अंडमान के द्वीपों का नाम नेताजी के नाम पर रखा गया, इंडिया गेट पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई, और उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में घोषित किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन को भारत की एकता का प्रतीक बताते हुए लोगों से प्रेरणा लेने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "नेताजी को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर गर्व था। उनकी इस भावना से हमें भी प्रेरणा लेनी चाहिए।"