Shravan Singh
Shravan Singh: नई दिल्ली: वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 असाधारण बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें पंजाब के फिरोजपुर जिले के 10 वर्षीय श्रवण सिंह का नाम विशेष रूप से चर्चित रहा। श्रवण ने मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों की निस्वार्थ सेवा की थी, जिसके लिए उन्हें बहादुरी श्रेणी में यह पुरस्कार मिला।
Shravan Singh: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रवण अपने गांव चक तरां वाली से रोजाना सैनिकों के लिए दूध, लस्सी, चाय, छाछ, रोटी और बर्फ लेकर जाते थे। पुरस्कार मिलने के बाद श्रवण ने कहा, “जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हुआ तो सैनिक हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि उनकी सेवा करनी चाहिए। मुझे यह पुरस्कार मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है, कभी सपने में भी नहीं सोचा था।”
Shravan Singh: श्रवण पंजाब से इस साल पुरस्कार पाने वाले इकलौते बच्चे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं पर चलते हुए श्रवण की सेवा काबिल-ए-तारीफ है। उनका हौसला पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। यह पुरस्कार विजेताओं को मेडल, प्रमाणपत्र और 1 लाख रुपये की नकद राशि मिलती है।

