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Shardiya Navratri 2024 : मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ : 2200 साल पुरानी प्रेम कहानी का प्रतीक

Uma Verma
Shardiya Navratri 2024 : मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ : 2200 साल पुरानी प्रेम कहानी का प्रतीक
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Shardiya Navratri 2024 : मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ : 2200 साल पुरानी प्रेम कहानी का प्रतीक

Shardiya Navratri 2024 : डोंगरगढ़ : यु तो देश में हजारों लाखों देवी मां के मंदिर है, लेकिन क्या आप जानते है कि देश में एक मंदिर ऐसा भी है जो लगभग 2200 पुरानी एक प्रेम कहानी से जुड़ा हुआ है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में पहाड़ी पर मां बम्लेश्वरी का भव्य मंदिर स्थित है जो अक्षर धाम के पैटर्न पर बनी हुई है वही उपर पहाड़ी डोंगरगढ़ में 16 सौ फीट ऊंची पहाड़ी पर मां बम्लेश्वरी का प्रसिद्ध मंदिर है।

मंदिर की अधिष्ठात्री देवी मां बगलामुखी हैं, जिन्हें मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है।हजार से ज्यादा सीढिय़ां चढ़कर हर दिन मां के दर्शन के लिए वैसे तो देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं।

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जो ऊपर नहीं चढ़ पाते उनके लिए मां का एक मंदिर पहाड़ी के नीचे भी है जिसे छोटी बम्लेश्वरी मां के रूप में पूजा जाता है। अब मां के मंदिर में जाने के लिए रोप वे भी लगाया गया है।छत्तीसगढ़ में मां बम्लेश्वरी के रूप में ये पूजी जाती हैं।

Shardiya Navratri 2024

मंदिर की ख्याति देश-विदेश तक है। ऊपर बड़ी बम्लेश्वरी व नीचे स्थित छोटी बम्लेश्वरी विराजित हैं। इन्हें एकदूसरे की बहन कहा जाता है। ऊपर तक पहुंचने 1100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है

हर वर्ष नवरात्र के अवसर पर हजारों की तदाद में दीप प्रज्वलित किया जाता है आज नवरात्र का पहला दिन है औऱ पहला दिन में ही हजारों लोग सुबह से दर्शन करने पहुँचे

माँ बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि नवरात्रि के दौरान दर्शनार्थियों के सुविधा का भी ध्यान रखा जाता है साथ ही जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस पर्व का आयोजन किया जाता है इसी तरह से दर्शन करने वालो ने भी माता की भक्ति व शक्ति का गुणगान किया


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