नई दिल्ली: 1 अप्रैल 2025 से दिल्ली में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों में ईंधन भरवाने पर पूरी तरह पाबंदी लगने जा रही है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए शहर के 80% से अधिक पेट्रोल पंपों पर विशेष तकनीक स्थापित की है, जो ओवरएज और प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान करेगी।
ANPR कैमरों से होगी सख्त निगरानी
दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों की तुरंत पहचान करेंगे। इसके साथ ही बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों पर भी नजर रखी जाएगी। नियम तोड़ने वाले वाहनों के लिए सिस्टम अलर्ट जारी करेगा और पंप अटेंडेंट को ईंधन भरने से रोक देगा।
ओवरएज वाहनों पर कड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग के मुताबिक, 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन स्वतः डीरजिस्टर्ड हो जाते हैं। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों के तहत ऐसे वाहन सड़कों पर पाए जाने पर जब्त किए जाएंगे। पिछले साल सितंबर तक 59 लाख से ज्यादा ओवरएज वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जा चुका है।
स्क्रैप नीति और राहत योजना
दिल्ली सरकार ने ओवरएज वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। ‘एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल पॉलिसी’ के तहत जब्त वाहन तभी छोड़े जाएंगे, जब मालिक उन्हें निजी परिसर में रखने या किसी अन्य राज्य में पुनः पंजीकृत कराने की अनुमति लेगा।
प्रदूषण नियंत्रण का बड़ा लक्ष्य
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह कदम दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का मानना है कि ओवरएज वाहनों पर सख्ती से प्रदूषण स्तर में बड़ा बदलाव आएगा।