बस्तर के केशकाल घाट का नवीनीकरण, 3 जनवरी से खुलेगा मार्ग....
बस्तर : केशकाल घाट के मरम्मत और नवीनीकरण कार्य अब पूरी तरह से संपन्न हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि 3 जनवरी से नेशनल हाईवे 30 का यह प्रमुख मार्ग सभी छोटे और बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बस्तर के प्रवेश द्वार के रूप में पहचाने जाने वाले इस घाट का नवीनीकरण अब इसे सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और पर्यावरण की झलक प्रस्तुत करेगा।
मरम्मत और नवीनीकरण में 2 महीने और 13 करोड़ रुपए का खर्च
केशकाल घाट के पुनर्निर्माण कार्य को पूरा करने में 2 महीने का समय और 12.98 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस परियोजना के तहत, पुराने कमजोर बेस को हटाकर सड़क को आधुनिक तकनीक से मजबूत किया गया। घाट के सकरे और तीखे मोड़ों को चौड़ा किया गया, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।
घाट का सौंदर्यीकरण: बस्तर की संस्कृति की झलक
घाट के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि घाट की दीवारों पर 3डी पेंटिंग की गई है, जिसमें बस्तर की संस्कृति, पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहर को उकेरा गया है। ये चित्र यात्रियों को बस्तर के पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक महत्व को समझने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करेंगे।
भविष्य की योजनाएं: फूलों की घाटी और रोजगार के अवसर
प्रशासन के अनुसार, केशकाल बाईपास का निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा, जिससे घाट पर भारी वाहनों का दबाव खत्म हो जाएगा। इसके बाद घाट को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजनाओं में फूलों की घाटी का निर्माण शामिल है, जो घाट की प्राकृतिक खूबसूरती को और निखारेगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। घाट क्षेत्र में स्ट्रीट फूड स्टॉल और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए नई शुरुआत
केशकाल घाट का नवीनीकरण सिर्फ बस्तर के निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है। 3 जनवरी से केशकाल घाट का मार्ग सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। यह मार्ग अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर के विकास और पर्यटन की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।

