Ranya Rao Gold Smuggling Case: रान्या राव की बढ़ी मुश्किलें, गोल्ड स्मगलिंग केस में ED का एक्शन, जब्त की करोड़ों की प्रॉपर्टी

Ranya Rao Gold Smuggling Case
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Ranya Rao Gold Smuggling Case: मुंबई: साउथ फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस रान्या राव इन दिनों गोल्ड स्मगलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुश्किलों में फंसी हुई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी 34.12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई कर्नाटक के बेंगलुरु और तुमकुर जिलों में की गई है।
Ranya Rao Gold Smuggling Case: ईडी ने रान्या राव और उनके साथियों के नाम पर रिहायशी घर, प्लॉट, इंडस्ट्रियल लैंड और एग्रीकल्चर लैंड को जब्त किया है। ये संपत्तियां PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत अटैच की गई हैं, और ईडी का कहना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई के बराबर हैं, जो अभी तक ट्रेस नहीं की जा सकी हैं।
Ranya Rao Gold Smuggling Case: इस मामले की जांच 7 मार्च 2025 को शुरू हुई, जब CBI ने FIR दर्ज की थी। यह FIR डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की शिकायत पर आधारित थी, जिसमें दो विदेशी नागरिकों को मुंबई एयरपोर्ट पर 21.28 किलो सोना के साथ पकड़ा गया था। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 18.92 करोड़ रुपये थी।

Ranya Rao Gold Smuggling Case: इससे पहले, 3 मार्च 2025 को रान्या राव को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर 14.2 किलो अवैध गोल्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये थी। उनके घर पर की गई छापेमारी में 2.67 करोड़ रुपये नकद और 2.06 करोड़ रुपये की गोल्ड जूलरी भी बरामद की गई थी।
Ranya Rao Gold Smuggling Case: ईडी की जांच में यह सामने आया है कि रान्या राव, तरुण कोंडुरु राजू और उनके अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गोल्ड स्मगलिंग रैकेट चला रही थीं। दुबई, युगांडा और अन्य देशों से सोना भारत लाया जाता था और हवाला के जरिए भुगतान किया जाता था। इसके लिए झूठे कस्टम डिक्लेरेशन और दो अलग-अलग ट्रैवल डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता था।
Ranya Rao Gold Smuggling Case: हालांकि रान्या राव पूछताछ में खुद को बेकसूर बता रही हैं, लेकिन डिजिटल चैट्स, इनवॉयस, कस्टम दस्तावेज और ट्रैवल रिकॉर्ड्स ने उनकी असलियत को उजागर कर दिया है। अब तक की जांच में 55.62 करोड़ रुपये की अवैध कमाई के सुराग मिल चुके हैं। ईडी का कहना है कि इस मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।


