दिग्गज एक्टर और डायरेक्टर राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' (1985) आज भी अपनी कहानी, संगीत और विवादों के लिए याद की जाती है। इस फिल्म में राजीव कपूर और मंदाकिनी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। मंदाकिनी के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस किरदार के लिए पहली पसंद मंदाकिनी नहीं थीं?
खुशबू सुंदर थीं मेकर्स की पहली पसंद
हाल ही में अभिनेत्री और पॉलिटिशियन खुशबू सुंदर ने खुलासा किया कि फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के लिए उन्हें पहले चुना गया था। विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के लिए एक फोटोशूट भी कराया था।
फिल्म से क्यों जुड़ नहीं पाईं खुशबू?
खुशबू ने कहा कि फिल्म के किरदार के लिए उन्हें अपना वजन घटाने के लिए कहा गया था। उस समय वह अपनी किशोरावस्था में थीं और वजन घटाने को लेकर गंभीर नहीं थीं। यही वजह थी कि मेकर्स को उनका विकल्प तलाशना पड़ा, और फिर यह किरदार मंदाकिनी को मिल गया।
मंदाकिनी ने किया कमाल
मंदाकिनी ने फिल्म में अपने अभिनय से सभी का दिल जीत लिया। उनका किरदार 'गंगा' आज भी बॉलीवुड की यादगार भूमिकाओं में गिना जाता है। फिल्म का गाना 'राम तेरी गंगा मैली हो गई' और मंदाकिनी की परफॉर्मेंस ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।
खुशबू सुंदर का राजनीति में सफर
फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने के बाद खुशबू सुंदर अब राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि, वह आज भी अपने फिल्मी करियर को प्यार से याद करती हैं और इसके अनुभवों को साझा करती रहती हैं।
'राम तेरी गंगा मैली' की सफलता में मंदाकिनी का योगदान अविस्मरणीय है, लेकिन यह जानना दिलचस्प है कि यह भूमिका पहले खुशबू सुंदर को ऑफर की गई थी। यह फिल्म और इससे जुड़ी कहानियां आज भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।