राजस्थान के कोटपूतली जिले के सरुंड थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कितरपुरा इलाके में भूपेंद्र चौधरी नामक किसान की साढ़े तीन साल की बच्ची चेतना खेलते-खेलते फिसलकर 150 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। घटना के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
20 घंटे से जारी है बचाव अभियान
बच्ची को बोरवेल से निकालने के लिए NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। बच्ची को बाहर निकालने के लिए शिंकजा (J हुक) और L सपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है। बचाव दल ने बच्ची को करीब 10 फीट ऊपर खींचने में सफलता हासिल की है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही चुनौतियां
- बोरवेल की गहराई लगभग 150 फीट है, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है।
- सर्दी और बोरवेल के अंदर मौजूद मॉस्चर (नमी) के कारण ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
- ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए बोरवेल में ऑक्सीजन पाइप डाला गया है।
- बच्ची की स्थिति पर नजर रखने के लिए बोरवेल में कैमरे लगाए गए हैं।
मौके पर प्रशासन और परिवार की चिंता
बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया। बचाव अभियान की जानकारी मिलने के बाद से अधिकारी और मंत्री भी मौके पर नजर बनाए हुए हैं।
मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का बयान
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बच्ची की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा,
"कोटपूतली में तीन साल की चेतना बिटिया के बोरवेल में गिरने की घटना अत्यंत दुखद है। संबंधित अधिकारियों से सफल रेस्क्यू के लिए बातचीत की और ईश्वर से बच्ची की सकुशल वापसी की कामना करता हूं।"
बच्ची की सुरक्षा के लिए सावधानियां
- बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की आपूर्ति लगातार की जा रही है।
- रेस्क्यू टीम बच्ची की हर गतिविधि पर नजर रख रही है।
- किसी भी अनहोनी को टालने के लिए अतिरिक्त उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
जल्द मिल सकती है राहत
रेस्क्यू टीमों ने उम्मीद जताई है कि कुछ ही समय में बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। बच्ची की सलामती के लिए पूरा परिवार और स्थानीय लोग प्रार्थना कर रहे हैं।
इस घटना ने खुले पड़े बोरवेल के खतरों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन से अपील है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।