Raipur City News : महिला थाने के बाहर आग लगाने वाली महिला की इलाज के दौरान मौत, पुलिस की लापरवाही आई सामने

Raipur City News : रायपुर। राजधानी रायपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। 10 सितंबर को महिला थाने के बाहर खुद को आग लगाने वाली 28 वर्षीय वर्षा गोस्वामी की डीकेएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 70 प्रतिशत से अधिक झुलसने के कारण चार दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद उसने अंतिम सांस ली।
Raipur City News : वर्षा गोस्वामी मूल रूप से पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की निवासी थीं। साल 2020 में उन्होंने रायपुर के ही शिवनाथ गोस्वामी से प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद उनका जीवन नर्क बन गया। बहन के अनुसार, शिवनाथ जुआ और सट्टे का आदी था। वह घर आकर वर्षा को पीटता-पीटकर तंग करता, धमकियां देता कि तेरी बहन-भाई को चाकू मार दूंगा, घर में आग लगा दूंगा। आधी रात को घर से बाहर निकाल देना आम बात थी। 2020 में तो उसने वर्षा का सिर फोड़ दिया था।
Raipur City News : वर्षा ने कई बार पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आएंगे-आएंगे कहकर टालते रहे। मंगलवार रात को फिर शिवनाथ ने गर्दन पर पैर रखकर धमकी दी और घर से निकाल दिया। अगले दिन, 10 सितंबर को काउंसलिंग के लिए महिला थाने पहुंची वर्षा दोपहर 12.30 बजे के आसपास बाहर बैठी थी, जब उसने केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। चीखते-चिल्लाते थाने के अंदर घुसी, जहां स्टाफ ने पानी डालकर आग बुझाई और अस्पताल पहुंचाया।
Raipur City News : इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षा ने महिला आयोग और थानों में बार-बार घरेलू हिंसा की शिकायत की, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। बहन ने मीडिया को बताया कि पुलिस की उदासीनता ने वर्षा को इतना तोड़ दिया कि उसने यह चरम कदम उठा लिया। अब मौत के बाद जांच शुरू हुई है, लेकिन सवाल यह है कि समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की कमी ऐसी त्रासदियों को जन्म दे रही है।


