Raipur City News : ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ की बड़ी कामयाबी, फर्जी RTO ई-चालान लिंक से ठगी करने वाले दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

Raipur City News : रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी RTO ई-चालान लिंक भेजकर लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी एंड्रॉइड यूजर्स को संदिग्ध ऐप के जरिए निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से रकम पार कर देते थे।
Raipur City News : पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में की गई कार्रवाई में पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल (20), निवासी बाड़मेर और नरसिंह सिंह (24), निवासी जोधपुर को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
Raipur City News : फर्जी ई-चालान से 4.52 लाख की ठगी-
थाना विधानसभा में दर्ज शिकायत के मुताबिक, प्रार्थी धर्मेंद्र सिंह को RTOechallan नाम से एक एसएमएस मिला। लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 4.52 लाख रुपये निकल गए। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर साइबर थाना ने जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का सुराग लगाकर राजस्थान में दबिश दी गई।
Raipur City News : लालच का जाल, मोबाइल से भेजते थे फर्जी लिंक-
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया और यूट्यूब पर “Instant Bonus”, “Referral Bonus” और गेम खेलकर कमाई जैसे प्रलोभन देकर Winmate और Wingo जैसे ऐप डाउनलोड करवाते थे। ये ऐप आधिकारिक स्टोर पर उपलब्ध नहीं थे। इंस्टॉल होते ही ये ऐप यूजर के मोबाइल से बड़ी संख्या में फर्जी ई-चालान और संदिग्ध लिंक भेजते थे। लिंक खुलते ही मोबाइल एक्सेस कर बैंक खाते या ई-वॉलेट से रकम निकाल ली जाती थी।
Raipur City News : ऑनलाइन शॉपिंग से करते थे रकम की खपत-
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम को ट्रैक से बचाने के लिए आरोपी Swiggy और Instamart जैसे प्लेटफॉर्म से महंगे सामान की खरीदारी कर अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करवाते थे। इससे पहले भी इसी नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपी अन्य राज्यों से पकड़े जा चुके हैं।
Raipur City News : पुलिस की अपील-
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें, किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


