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Raipur City News :अम्बेडकर अस्पताल में शुरु हुई सीटी एंजियोग्राफी की सुविधा, बीपीएल और 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों की होगी निशुल्क जांच

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Raipur City News: रायपुर। राजधानी रायपुर के पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में अब सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक जांच सुविधा शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी, ब्रेन (सेरेब्रल), एब्डोमिनल, पेरिफेरल एवं पल्मोनरी एंजियोग्राफी जांच की जा रही है, जो नॉन इंवेसिव (Non-invasive) पद्धति पर आधारित है। विगत सप्ताह 29 मरीजों की विभिन्न बीमारियों में सीटी एंजियो जाँच हुई जिससे समय रहते उन्हें उचित उपचार मिला।

Raipur City News: अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से हृदय, मस्तिष्क, पेट, हाथ-पैर एवं फेफड़ों से संबंधित गंभीर रोगों के शीघ्र, सटीक एवं विश्वसनीय निदान में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए सभी जांचें निःशुल्क हैं। वहीं एपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए ओपीडी में सीटी स्कैन ₹1000 एवं एमआरआई ₹2000 की दर से उपलब्ध है, जबकि भर्ती एपीएल मरीजों को ये जांच सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।

Raipur City News: कैथेटराइजेशन की जरूरत नहीं

रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे ने बताया कि विभाग में उपलब्ध आधुनिक सीटी स्कैन मशीन एवं प्रेशर इंजेक्टर की सहायता से सभी जांच सेवाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सीटी एंजियोग्राफी की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो जाती है, मरीज को असुविधा नहीं होती। इसमें पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में रिकवरी टाइम भी कम होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी में कैथेटराइजेशन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक जांच है।

Raipur City News: सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी के माध्यम से हृदय की कोरोनरी धमनियों में होने वाले संकुचन एवं ब्लॉकेज का उच्च गुणवत्ता की विस्तृत (Detailed) 3D इमेजिंग के साथ आकलन किया जाता है। वहीं ब्रेन एंजियोग्राफी से मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों जैसे स्ट्रोक, एन्यूरिज्म एवं धमनी-शिरापरक विकृति (एवीएम) की सटीक जांच संभव हो पाती है। इस जांच में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज जांच के बाद सामान्य दिनचर्या में शीघ्र लौट सकता है।

Raipur City News: बता दें कि सीटी एंजियोग्राफी एक आधुनिक जांच पद्धति है, जिसमें आयोडीन-आधारित कंट्रास्ट डाई की सहायता से शरीर की रक्त वाहिकाओं की स्पष्ट त्रि-आयामी (3D) तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। पूरी जांच प्रक्रिया सामान्यतः 15 से 20 मिनट में पूर्ण हो जाती है।


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