Raipur City News : सीएम साय ने ली आवास और पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक, रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक हब पर जोर

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Raipur City News : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के मंत्रालय महानदी भवन में आवास और पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) सहित विभाग के अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनियोजित विकास के निर्देश दिए गए। इस दौरान वित्त व आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव आवास और पर्यावरण अंकित आनंद, NRDA के सीईओ चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसे देश की सबसे आधुनिक और खूबसूरत राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा। IIM, IIIT और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष संस्थानों की मौजूदगी के साथ, भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नागरिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। उन्होंने नवा रायपुर को परमालकसा-खरसिया रेल लाइन से जोड़ने की योजना पर चर्चा की, जिससे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।
लॉजिस्टिक हब और औद्योगिक विकास पर जोर-
मुख्यमंत्री ने भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे के 95% कार्य पूर्ण होने की जानकारी ली। इस एक्सप्रेस-वे से रायपुर-विशाखापट्टनम की दूरी 100 किमी कम होगी। उन्होंने नवा रायपुर में लॉजिस्टिक हब की स्थापना पर बल दिया, जो आयात-निर्यात को बढ़ावा देगा। नई औद्योगिक नीति के तहत बढ़ते निवेश और रोजगार सृजन को देखते हुए यह हब महत्वपूर्ण होगा।
पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं पर फोकस-
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में ऑक्सीजोन के तहत पीपल, बरगद, नीम, अमलतास, गुलमोहर जैसे पौधों के रोपण और उनकी वृद्धि की जानकारी ली। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, और एक नया थाना स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा की। साथ ही, आयोग-बोर्ड-निगम के लिए बिडिंग कॉम्प्लेक्स तैयार करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
भू-खंडों का समुचित उपयोग-
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवा रायपुर में नए भवनों के लिए आवंटित भू-खंडों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, गृह निर्माण मंडल, नगर व ग्राम निवेश, रेरा, और रायपुर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


